मुरादाबाद (आसिफ अली) : दिल्ली में गिरफ्तार आतंकी परवेज व जमशेद के पास से पिस्टल भी मिली थी। यह अमरोहा के ठेकेदार शाहआलम की लाइसेंसी पिस्टल है, जिसे उसके भांजे काशिफ ने चोरी की थी। इसके चोरी होने के मामले में एक बड़ा सवाल यह सामने आ रहा कि क्या काशिफ को आतंकियों के बारे में जानकारी थी? क्योंकि चर्चा यह भी है कि पारिवारिक विवाद के चलते ही काशिफ ने मामा की पिस्टल चोरी की थी। एक लाख रुपये भी चोरी किए जाने का मामला चर्चा में है। अब इस सारे मामले की जांच दिल्ली पुलिस करेगी। दिल्ली पुलिस ही इस मामले में अग्रिम कार्रवाई भी करेगी। अमरोहा में पिस्टल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। यह है पूरा मामला

शुक्रवार को जम्मू कश्मीर इस्लामिक स्टेट संगठन के दो आतंकियों परवेज व जमशेद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पिस्टल के साथ पकड़ा था। पिस्टल मूल रूप से रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव रामपुर घना निवासी शाहआलम ठेकेदार की थी। मामले की पड़ताल हुई तो पता चला कि यह पिस्टल शाहआलम के भांजे काशिफ ने चोरी कर अपने दोस्त शहजाद व मोहसिन के माध्यम से आतंकी परवेज को 17 हजार रुपये में बेची थी। परवेज उसी दौरान अमरोहा पहुंचा था। हालांकि दिल्ली पुलिस तीनों छात्रों से पूछताछ कर चुकी है। अभी इस मामले में कई नाम सामने आ रहे हैं। आतंकियों से पिस्टल मिलने के बाद ठेकेदार ने चोरी की दी थी तहरीर

ठेकेदार ने पिस्टल चोरी की तहरीर उस समय दी थी, जब दिल्ली पुलिस सारे प्रकरण का पर्दाफाश कर चुकी थी। मामला संवेदनशील था, लिहाजा रजबपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उठ रहे सवाल

अब इस सारे मामले में यह सवाल उठ रहा है कि क्या काशिफ व उसके दोनों साथियों को इस बात की जानकारी थी कि परवेज आतंकी है? क्या उन्होंने परवेज को केवल पैसों के लालच में ही पिस्टल बेचा था या कोई और मामला है? काशिम के पिता और मामा में कारोबार को लेकर चल रहा था विवाद

क्षेत्र में चल रही चर्चाओं पर गौर करें तो यह एक पारिवारिक विवाद था। आतंकी परवेज को इत्तेफाक से पिस्टल बेची गई है। शाहआलम व काशिफ के पिता नजारुल हसन सगे साले-बहनोई हैं। दोनों की पार्टनरशिप में ईट भट्ठा चल रहा था। भट्ठे में नुकसान होने के कारण दोनों के बीच सालभर पहले साढ़े तीन लाख रुपये को लेकर विवाद हो गया था। पिस्टल चोरी होने के पीछे माना जा रहा है कि काशिफ कारोबार के विवाद के चलते मामा को नुकसान देना चाहता था। लिहाजा उसने पिस्टल चोरी की थी। अब इस सारे मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। परवेज ने छात्रों के बीच बनाई थी गहरी पैठ

परवेज ने डीएनएस कालेज में उर्दू पढ़ाने के दौरान छात्रों में अपनी गहरी पैठ बना ली थी। इनके जरिये वह अपनी आतंकी योजनाओं को परवान चढ़ाने के मंसूबे पाले था। परवेज से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस का छात्रों से पूछताछ का दायरा बढ़ता जा रहा है। पुलिस अब तक चार छात्रों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं पिस्टल चोरी का मुख्य आरोपित छात्र काशिफ की तलाश में जुटी है। असलहों को खरीदने की बात स्वीकार की

दुनियादारी की पहचान से दूर कम उम्र के छात्रों को गलत काम के लिए आसानी से प्रेरित किया जा सकता है। इसी सोच के साथ आतंकी परवेज ने कक्षा आठ से 10 तक के छात्रों के बीच अपनी पैठ बना ली थी। मोहसिन और शहजाद के जरिये परवेज ने पिस्टल खरीद ली थी। इस कड़ी में उससे दिल्ली पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने कुछ अन्य असलहों को खरीदने की बात स्वीकार की है। एटीएस सूत्रों के मुताबिक इन असलहों की खरीदारी में भी परवेज ने छात्रों का ही इस्तेमाल किया, लेकिन ये कहां से खरीदे गए इसकी ठोस जानकारी पुलिस को नहीं लग पाई है। इसी कड़ी में पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस का दायरा बढ़कर चार छात्रों तक पहुंच गया है। सोमवार को दिल्ली पुलिस ने छात्र मोहसिन व शहजाद के अलावा कक्षा 10 के छात्र अनस व सलीम को भी पूछताछ के लिए तलब किया था। इन सबसे दिल्ली में छह घंटे तक लंबी पूछताछ की गई। पुलिस कसेगी शिकंजा

छात्रों से मिली जानकारी के बाद जल्द ही परवेज से गहरे ताल्लुक रखने वाले और उसे असलहे मुहैया कराने वाले लोगों की गर्दन पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा कसने की चर्चा की जा रही है। परिजनों ने बोलने से किया इन्कार

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जिन चार छात्रों से लंबी पूछताछ की उनके परिजनों ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। गांव रामपुर घना निवासी कक्षा 10 के छात्र सलीम व शहजाद के परिजनों से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि उनके बच्चों का किसी प्रकरण से कोई लेनादेना नहीं है। दिल्ली पुलिस ने कुछ जानकारी के लिए उनसे पूछताछ की है, इसके बारे में वह कुछ नहीं बता सकते।

Posted By: Jagran