मुरादाबाद : किडनी रोगियों के लिए यह राहत वाली खबर है। जिला अस्पताल में जनवरी 2019 के अंतिम सप्ताह तक 10 बेड की डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी। डायलिसिस के लिए नोडल अधिकारी द्वारा चयनित मरीजों को इलाज मिलेगा। इसके लिए कुल 60 मरीजों का ही रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। इसमें नए मरीज को तब शामिल किया जाएगा जब पुराना कोई मरीज डायलिसिस कराना बंद कर देगा। टीम ने चेक कीं व्यवस्थाएं जिला अस्पताल में वाराणासी के हेरिटेज अस्पताल के पास डायलिसिस यूनिट का कांट्रेक्ट है। यूनिट की तमाम कमियां दूर होने के बाद टीम ने व्यवस्थाएं चेक कीं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जनवरी माह के अंतिम सप्ताह तक यूनिट शुरू कर दी जाएगी। इसमें मरीजों को दो शिफ्टों में बांटा गया है। सोमवार, बुधवार, शनिवार को पहले ग्रुप के 30 मरीज और मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को दूसरे ग्रुप के 30 मरीजों की डायलिसिस की जाएगी। सुबह आठ से रात 11 बजे तक डायलिसिस की जाएगी। इसकी व्यवस्थाएं पूर्व सीएमओ जौनपुर डॉ. मधुसूदन शर्मा संभालेंगे। नहीं देना होगा पैसा जिला अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले मरीजों को कोई पैसा नहीं देना होगा। इसमें सिर्फ सात-आठ सौ रुपये की कीमत का इंजेक्शन जरूरत पड़ने पर लाकर देना होगा। इसकी व्यवस्था मरीज के स्तर पर होगी। ये बोले चिकित्सा अधीक्षक डायलिसिस यूनिट जनवरी 2019 के अंतिम सप्ताह तक शुरू हो जाएगी। काम शुरू हो चुका है। 60 मरीजों में 30-30 के ग्रुप बनाए जाएंगे। हमारे चिकित्सक के परीक्षण के बाद डायलिसिस शुरू की जाएगी। इसमें मरीज को कुछ नहीं देना है।

-डॉ. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक। जिला अस्पताल में पांच सौ रुपये में होगा सीटी स्कैन अनापत्ति पत्र मिलते ही जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। सरकारी या निजी अस्पताल में भर्ती रोगियों को यह सुविधा मिलेगी। सरकार ने सीटी स्कैन कराने का शुल्क पांच सौ रुपये निर्धारित किया है। जबकि निजी अस्पतालों में 1700 से लेकर चार हजार तक सीटी स्कैन हो रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर स्थापित किया गया है। जहां सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसलिए ही ट्रामा सेंटर में सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। नामित कंपनी ने पिछले माह में भवन बनाकर सीटी स्कैन स्थापित किया है। इसमें सिर की चोट के सूक्ष्म एक्सरे हो सकेंगे। सीटी स्कैन शुरू करने के पहले एटॉमिक एनर्जी रेडिएशन बोर्ड (मुबंई) (एइआरबी) से रेडिएशन से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। जिला अस्पताल ने भेजा है पत्र जिला अस्पताल प्रशासन ने एइआरबी को पत्र भेजा है और अनापत्ति पत्र के साथ सीटी स्कैन शुरू करने की अनुमति मांगी है। यह सुविधा शुरू होने के बाद पांच सौ रुपये में आम रोगी सीटी स्कैन करा पाएंगे। जिला अस्पताल में भर्ती रोगियों को सीटी स्केन कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन संचालित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक व तकनीशियन तैनात हैं। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जे पंत ने बताया कि एइआरबी से अनापत्ति पत्र मिलते ही जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा शुरू हो जाएगी। कम खर्च में गरीब मरीज इसका लाभ उठा सकेंगे।

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