मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Death of Leopard : अमरोहा में संदिग्ध परिस्थितियों में खेत में पड़े मिले तेंदुआ की मौत का कारण 17 दिन बाद भी पता नहीं चल सका है। बरेली से मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट को विभागीय अधिकारी अभी तक देख नहीं सके हैं। यानि तेंदुआ की मौत का राज 17 दिन से लिफाफे में बंद है।

काबिलेगौर है कि बीती दो सितंबर की रात को देहात थाना क्षेत्र के गांव सुनपुरा के जंगल में मादा तेंदुआ की मौत हो गई थी। तीन सितंबर की सुबह को ग्रामीणों ने खेत में शव पड़ा देखा था। हालांकि तेंदुआ के चेहरे पर खून भी लगा था, लेकिन पास में ही एक बिजली का तार भी लटका हुआ था। वन विभाग द्वारा मादा तेंदुआ के शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया था। ताकि उसकी मौत का कारण स्पष्ट हो सके। वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि तेंदुआ आपसी झगड़े के चलते घायल होने से मरा है। जबकि ग्रामीणों की मानना था कि करंट लगने से तेंदुआ की मौत हुई है। अब उसका पोस्टमार्टम भी हो गया तथा रिपोर्ट भी विभाग को मिल चुकी है। परंतु विभागीय अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को नहीं देख सके हैं। जिससे कि तेंदुआ की मौत का कारण स्पष्ट हो सके। डीएफओ देवमणि मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। परंतु वह उसे देख नहीं सके हैं। इस वजह से तेंदुआ की मौत का कारण क्या रहा वह स्पष्ट नहीं कर सकते।

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Edited By: Narendra Kumar