मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Case of Taking Bribe from Misdeed victim : रामपुर में दुष्कर्म पीड़िता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने में आरोपित दारोगा कौशेंद्र कुमार को पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने निलंबित कर दिया है। उसे भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने कल गिरफ्तार किया था। शनिवार को उसे बरेली भेज दिया गया। वहां उसे अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दारोगा के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। यह जांच क्षेत्राधिकारी द्वारा की जाएगी। 

यह है मामला :  दुष्कर्म पीड़िता थाना अजीमनगर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। उसकी तीन साल पहले स्वार कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में शादी हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराली दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे। महिला ने ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पति पर कुकर्म करने और पीड़िता की छोटी बहन को बहला-फुसलाकर शादी करने का आरोप लगाया था। महिला ने देवर द्वारा अपने एक साथी को घर लाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया। महिला का कहना था कि शिकायत करने पर ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसका तीन माह का गर्भ गिर गया। बरेली एडीजी के आदेश पर स्वार कोतवाली पुलिस ने पति समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोप है कि विवेचना कर रहे दारोगा ने आरोपितों को पकड़ने और पीड़िता के धारा 164 में बयान दर्ज कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की। इस पर पीड़ित पक्ष ने एंटी करप्शन टीम मुरादाबाद से शिकायत की। इसके बाद टीम ने शुक्रवार शाम स्वार पहुंचकर दारोगा को गिरफ्तार करने की प्लानिंग की। दारोगा ने पीड़ित पक्ष को अपने आवास पर बुला लिया, जहां टीम ने उसे 20 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर ल‍िया। दारोगा ने टीम से छूटने का भी पूरा प्रयास किया। नोकझोंक भी हुई, लेकिन छूट नहीं पाया। 

Edited By: Narendra Kumar