मुरादाबाद, जेएनएन । कोरोना ने केवल सामाजिक ताने-बाने को क्षतिग्रस्त नहीं किया है अब उद्योग धंधों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। भविष्य की योजनाओं में भी बदलाव कर दिया है। ऐसे में युवाओं के लिए नए अवसर भी मिले हैं, जब पीतलनगरी में कुछ अलग उद्यमों की कल्पना कर उसमें रोजगार सृजन कर सकें। कोरोना के बाद से उद्योग धंधों के ठप होने से बड़ी आबादी के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। सरकार ने रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्व में चल रही योजनाओं के माध्यम से उद्यमियों को नए रोजगार सृजन का अवसर दिया है। इस समय उद्यमियों को लोन देकर रोजगार शुरू करने के विकल्प दिए जा रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत आवेदन मांगे हैं।

एक जनपद एक उत्पाद योजना 

एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत केवल मेटल हैंडीक्राफ्ट्स से जुड़े उद्योग संचालित किए जा सकते हैं। अन्य तीनों योजनाओं के अलावा मुद्रा लोन लेकर कोई भी कारोबार शुरू किया जा सकता है। जिला उद्योग केंद्र की वेबसाइट पर 40 लोगों ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, 30 ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और 10 लोगों ने ओडीओपी में आवेदन किया है। उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र अनुज कुमार ने बताया कि अपना रोजगार शुरू करने के संबंध में जानकारी के लिए हर रोज बड़ी संख्या में लोग फोन करके जानकारी ले रहे हैं। जो आवेदन आए हैं, उसमें भी सर्वाधिक फूड, हेल्थ इंडस्ट्री के अलावा सैनिटाइजर निर्माण इकाई लगाने के हैं। फोन पर भी इसी संबंध में अधिक पूछताछ की जा रही है। एक दो दिन में इनके आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी, ताकि ये बैंक से लोन लेकर अपना कार्य शुरू कर सकें।

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