मुरादाबाद, जेएनएन। मिड-डे-मील के तहत अभिभावकों के खातों में भेजी जा रही कंवर्जन कॉस्ट व खाद्यान्न वितरण की हकीकत जानने शनिवार को पहुंची केंद्रीय टीम ने ग्रामीणों व बच्चों से पूछताछ की। टीम ने अमरोहा, संभल व मुरादाबाद के प्राथमिक स्कूलों में पहुंच कर वहां के ग्रामीणों से योजना की हकीकत जानी। इसके अलावा रसोइयों से भी मानदेय के बारे में पूछा।

टीम में शामिल रहे निदेशक एमडीएम विजय भास्कर ने सम्भल में रसोइयों को मानदेय का भुगतान न करने पर अधिकारियों की जमकर फटकार भी लगाई। सम्भल व अमरोहा के बाद करीब दो बजे मुरादाबाद पहुंची टीम ने यहां के प्राथमिक विद्यालय हाशमपुर गोपाल का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों से उन्होंने मिड-डे-मील व पठन-पाठन के बारे में पूछा। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियाें से कायाकल्प, मिशन प्ररेणा, ई-पाठशाला व दीक्षा एप के प्रयोग के बारे में भी पूछताछ की। केंद्रीय टीम में शामिल रहे मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण उप्र के वित्त नियंत्रक मुमताज अहमद ने बताया कि सरकार की ओर से लॉकडाउन व ग्रीष्मावकाश की अवधि में 76 दिन की खाद्यान्न व कंवर्जन कॉस्ट अभिभावकों को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया योजना के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के अभिभावकों के खातों में 561 व प्राथमिक विद्यालय में 374 रुपये प्रति बच्चा भेजा जा रहा है। इसके अलावा सात किलो 600 ग्राम व 11 किलो 400 ग्राम खाद्यान्न भी वितरित किया जा रहा है। सर्किट हाउस में की समीक्षा टीम में शामिल रहे एमडीएम निदेशक विजय भास्कर, शिक्षा मंत्रलाय के चीफ कंसल्टेंट भूपेंद्र सिंह, वित्त नियंत्रक मुमताज अहमद, समग्र शिक्षा अभियान के वरिष्ठ विशेषज्ञ आनंद कुमार, प्रशासनिक अधिकारी एमडीएम समीर कुमार, सिस्टम एनालिस्ट सुभाष कुमार ने सर्किट हाउस में अमरोहा, संभल व मुरादाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे। बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्रीय टीम की ओर से जल्द से जल्द कंवर्जन कॉस्ट व खाद्यान्न सभी छात्रों को वितरित करने के आदेश दिए गए हैं।

 

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