मुरादाबाद(प्रांजुल श्रीवास्तव) : नई शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई अपने पैटर्न में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। केंद्र ने स्वीकृति दी तो २०२३ तक १०वीं और १२वीं के प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय प्रश्नों पर ही आधारित होंगे। इसकी शुरुआत ढाई महीने बाद होने वाली बोर्ड परीक्षा से कर दी गई है। यह जानकारी सीबीएसई बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी देहरादून रनबीर सिंह ने दैनिक जागरण से बातचीत में दी।

उन्होंने बताया आने वाले दो तीन सालों में सीबीएसई के पैटर्न में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा और रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए सीबीएसई ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे नई शिक्षा नीति के तहत केंद्र को भेजा गया है। सत्र २०१९-२० की बोर्ड परीक्षाओं में कुछ प्रश्नपत्रों में दस तो कुछ में २० प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे। लेकिन, २०२१-२२ और २३ में इन प्रश्नों की संख्या में इजाफा किया जाएगा। हो सकता है कि २०२३ तक प्रश्नपत्र ही बहुविकल्पीय हो।

सभी कक्षाओं में दिखाई देगा बदलाव

क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत होने वाले इस बड़े बदलाव में सिर्फ दसवीं और १२वीं के बच्चे ही नहीं शामिल होंगे। इसे हर कक्षा के लिए लागू किया जाएगा, जिसमें उनके पढऩे के तरीके से लेकर शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को भी बदला जाएगा। जिस तरह हर क्षेत्र में प्रतिस्पद्र्धा बढ़ रही है और बच्चे तनाव में जा रहे हैं। उसे रोकने के लिए यह बदलाव जरूरी है, जिससे वे व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकें।

हर साल सुधर रहा मुरादाबाद का रिजल्ट

एसएस चिल्ड्रेन एकेडमी के सिल्वर जुबली समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे रनबीर सिंह ने कहा मुरादाबाद का रिजल्ट हर साल सुधर रहा है और बच्चे अच्छा कर रहे हैं।

 

Posted By: Narendra Kumar

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