मुरादाबाद : देश में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद अधिकाश उत्पादों पर टैक्स दस से 15 फीसद कम हो गया, लेकिन ब्राडेड उत्पाद बेचने वाली कंपनियों ने टैक्स नहीं घटाया। वे पुराने टैक्स पर ही उत्पाद बेच रही हैं। बाटमाप विभाग ने ऐसी 17 ब्राडेड कंपनियों से साढ़े बारह लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। ये दरें की गई थी निर्धारित

देश में एक टैक्स के लिए जीएसटी लागू किया गया। इसमें न्यूनतम चार से लेकर 28 फीसद तक टैक्स है। अधिकतर उत्पादों पर 18 फीसद जीएसटी लिया जाता है। सरकार ने कंपनियों को आदेश दिए थे कि एक अगस्त 2017 से सभी उत्पाद बाजार से वापस मंगा लें, वैट व अन्य टैक्स को हटाकर जीएसटी लगाकर बेचें। कंपनी आवेदन करे, सरकार उसे जमा किए गए वैट की रकम वापस कर देगी। इसके बाद कंपनियों ने जमा वैट की राशि तो वापस ले ली लेकिन उपभोक्ता से जीएसटी के बजाय वैट व अन्य टैक्स की वसूली जारी रही। ऐसी कंपनिया उपभोक्ता से 10 से 15 फीसद तक अधिक राशि ले रहीं थीं। शासन ने बाटमाप विभाग को इसकी जाच के आदेश दिए। इसके बाद विभाग की टीम ने ब्राडेड कंपनियों के शोरूम और बाजार में बिकने वाले कपड़े, जूते, खाने-पीने के समान एवं अन्य उत्पादों की जाच की। इस दौरान पाया गया कि ब्राडेड कंपनिया जीएसटी के बजाय वैट के आधार पर उपभोक्ता से टैक्स ले रहीं हैं। इससे उपभोक्ताओं को प्रत्येक उत्पाद पर 10 से 15 फीसद तक अधिक कीमत देनी पड़ रही है। वरिष्ठ बाटमाप निरीक्षक एच सिंह ने बताया कि 17 ब्राडेड कंपनियों को नोटिस जारी किया गया। कंपनियों ने जुर्माना देना स्वीकार कर लिया है। अभी तक कंपनियों से साढ़े बारह लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं।

Posted By: Jagran