रामपुर, जागरण संवाददाता। रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा के घनश्‍याम लोधी ने सपा प्रत्‍याशी आसिम राजा को हराकर पहली बार सांसद बने। इससे पहले वह दो बार एमएलसी रह चुके हैं। वह इसी साल भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इससे पहले वह समाजवादी पार्टी में थे और आजम खां के बेहद करीबी माने जाते थे। रामपुर में भाजपा की जीत आजम खां के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। घनश्‍याम लोधी को सबसे ज्‍यादा 367397 मत मिले, वहीं सपा के आसिम राजा को 325205 वोट मिले।

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घनश्याम सिंह लोधी दो बार विधान परिषद चुने जा चुके हैं। सबसे पहले वह समाजवादी पार्टी के समर्थन से कल्याण सिंह की राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के टिकट पर रामपुर-बरेली स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र से 2004 में एमएलसी बने थे। इसके बाद इसी क्षेत्र से 2016 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर एमएलसी बने।

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2019 में रामपुर शहर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान उनके आवास पर भाजपा नेताओं की मीटिंग भी हुई थी। तब से ही उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगने लगी थीं, हालांकि तब वह भाजपा में शामिल नहीं हुए थे। इसी साल विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हुए। रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मुख्‍तार अब्‍बास नकवी और जयाप्रदा जैसे कई नाम सामने आ रहे थे लेकिन, भाजपा ने घनश्‍याम लोधी पर भरोसा जताया और उन्‍होंने भरोसे को सच साबित किया। 

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आजम के इस्‍तीफे से खाली हुई थी सीट: रामपुर लोकसभा सीट आजम खां के इस्‍तीफे से खाली हुई थी। आजम खां 2022 के विधानसभा चुनाव में दसवीं बार विधायक चुने गए। वह रामपुर शहर सीट से विधायक हैं। उकसे बाद चुनाव आयोग ने रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की। 23 जून को जिले में मतदान हुआ था। हालांकि, इस बार मतदान फीसद बेहद कम (41.70 फीसद) रहा था। उपचुनाव बसपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्‍याशी नहीं उतारे थे। मुख्‍य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच था। 

Edited By: Vivek Bajpai