मुरादाबाद [प्रदीप चौरसिया]। ट्रेन में सवार यात्रियों को प्लेटफार्म आने से पहले ही पता चल जाएगा कि प्लेटफार्म के किस स्थान पर खानेपीने का स्टाल है। रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों के स्टाल की जीपीएस मैपिंग करानी शुरू कर दी है। इससे रेलवे यात्र‍ियों को काफी राहत म‍िलेगी।

रेल प्रशासन बिना ट्रेनों की गति बढ़ाए ही यात्र‍ियों को कम समय में गंतव्‍य तक पहुंचाने की रणनीति पर अमल कर रहा है। इसके तहत रेलवे लाइन में सुधार, दोहरीकरण का काम किया जा रहा है। इसके अलावा छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टापेज खत्म किया जा रहा है। बड़े स्टेशनों पर जहां ट्रेनों का ठहराव 15 मिनट का होता था, उसे कम कर पांच व तीन मिनट का किया जा रहा है। कम ठहराव में कोच में पानी भरने के लिए क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे तीन से चार मिनट में कोचों में पानी भरा जा सकता है। अभी भी कई ट्रेनों में खानपान की व्यवस्था नहीं है, सफर करने वाले यात्रियों को ट्रेनों के रुकने पर प्लेटफार्म से खाना खरीदना पड़ता है। प्लेटफार्म पर कहां खाने के स्टाल हैं या पीने के पानी की व्यवस्था है, इसकी जानकारी नहीं होने से ट्रेन के यात्री खाना नहीं खरीद पाते हैं और ट्रेनें चल देती हैं। रेल प्रशासन ऐसे यात्रियों को प्लेटफार्म पर ट्रेन पहुंचने से पहले ही स्‍टाल की सूचना देने की व्‍यवस्‍था करने जा रहा है। इसके लिए रेलटेल और वाणिज्य विभाग मिलकर सभी प्रमुख स्टेशनों के प्लेटफार्म पर कहां-कहां स्टाल हैं, इसकी जीपीएस मैपिंग कराने जा रहे हैं। साथ ही खाने की कीमत क्या है, इसकी भी जानकारी उपलब्ध होगी। ट्रेन में सफर करने वाले यात्री इंटरनेट द्वारा ई-कैटरिंग सर्च करेंगे और आने वाले स्टेशन का नाम अंकित करेंगे, इसके बाद किस प्लेटफार्म पर इंजन से कितने कोच पीछे, या किस स्थान पर खानपान के स्टाल हैं, इसका पता आसानी से चल जाएगा। ई-कैटरिंग सिस्टम के द्वारा ट्रेन किस प्लेटफार्म पर रुकेगी इसकी भी जानकारी की जा सकती है। इस योजना के तहत मुरादाबाद रेल मंडल के हरदोई, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, नजीबाबाद, लक्सर, हरिद्वार, अमरोहा, हापुड़, चन्दौसी, सीतापुर आदि स्टेशनों के प्लेटफार्म के खानपान स्टाल की जीपीएस मैपिंग की जानी है। माना जा रहा है कि नया टाइम टेबल शुरू होने या एक जुलाई से पहले यह सेवा शुरू हो जाएगी।

Edited By: Narendra Kumar

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