मुरादाबाद (जेएनएन)। महमूदपुर माफी की प्रधान नसीम जहां के देवर अतीक अंसारी हत्याकांड के पर्दाफाश को लेकर दिनभर बवाल हुआ। पर्दाफाश को फर्जी बताते हुए पीडि़त परिवार ने थाने का घेराव कर इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए। भीड़ आरोपितों को मारने के लिए हवालात तक पहुंच गई। इसके बाद भीड़ महमूदपुर माफी पहुंची और मुरादाबाद सम्भल मार्ग जाम कर दिया। पीडि़त पक्ष ने पुलिस लाइन में भी जमकर हंगामा किया। 29 दिसंबर की रात 9:30 बजे मैनाठेर के महमूदपुर माफी के ग्राम प्रधान नसीम जहां पत्नी बाबू अंसारी के देवर अतीक अहमद की घर से बुलाकर हत्या कर दी गई। अतीक का शव घर से सौ मीटर की दूरी पर भूरा के सरसों के खेत में मिला था। करीब चाकू से 25 वार किए गए थे।

हत्यारोपितों द्वारा हत्या का स्थान न बताने पर भड़के परिजन

पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश कर अतीक के दोस्त गांव के ही वाहिद और उसके तीन साथियों शाकिब उर्फ मोटा, इस्माइल और अनस को पकड़ लिया। घटना स्थल पर खून का कोई धब्बा नहीं था। ऐसे में परिवार का कहना था कि अतीक की हत्या किसी अन्य स्थान पर हत्या की गई। हत्यारोपित हत्या करने का स्थान नहीं बता पाए। इसी को लेकर पीडि़त परिवार में पुलिस के पर्दाफाश को लेकर आक्रोश बढ़ गया। उनका कहना था कि इंस्पेक्टर अजय पाल फर्जी पर्दाफाश कर रहे है। बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर बाबू अंसारी के साथ थाने में पहुंच गए। आरोपितों को हवालात से निकालने तक की कोशिश की गई। उन्हें जीप में बैठाकर तत्काल ही पुलिस लाइन लाया गया। हंगामा करने के बाद भीड़ थाने से महमूदपुर माफी लौट गई।

जाम लगाकर इंस्पेक्टर को हटाने की मांग

मुरादाबाद-सम्भल मार्ग जामकर इंस्पेक्टर को हटाने की मांग की गई। इसी बीच व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिए। व्यापारी भी इंस्पेक्टर के उत्पीडऩ से परेशान थे। भीड़ के कुछ लोग पुलिस लाइन तक पहुंच गए। वहां भी आरोपितों को घेरने की कोशिश की। यहां तक हुआ कि पीडि़त पक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस तक नहीं होने दी। उसके बावजूद भी पुलिस ने तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। बाद में बाबू अंसारी के पुलिस लाइन से महमूदपुर पहुंचने के बाद लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया गया। एसएसपी जे रविन्दर गौड ने बताया कि हत्याकांड का पर्दाफाश सही किया गया है। आरोपित पूरे घटनाक्रम को कबूल कर रहे हैं। ग्रामीणों और परिवार के लोगों को इंस्पेक्टर से नाराजगी है। इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली की जांच सीओ से करा ली जाएगी।

सुलगते सवालों से घिरे एसपी देहात

मैनाठेर के महमूदपुर माफी में हत्याकांड के तीन दिन बाद पुलिस ने पर्दाफाश का दावा करते हुए आरोपितों को पकड़ लिया। हत्या की वजह बताई कि अतीक के अवैध संबंध वाहिद की पत्नी से थे। इसलिए एक लाख की सुपारी देकर वाहिद ने घर से बुलाकर अतीक की हत्या करा दी। एसपी देहात उदय शंकर सिंह की उपस्थिति में करीब सवा बजे तीन हत्यारोपितों को पेश किया गया। इसके बाद उन्हें तत्काल मेडिकल के लिए अस्पताल में भेतज दिया। पत्रकारों के सवालों का जवाब देने में एसपी देहात असहज महसूस कर रहे थे। इसी बीच अतीक अहमद के भाई बाबू अंसारी ने साथियों के साथ मिलकर हंगामा करना शुरू कर दिया। एसपी देहात ने इंस्पेक्टर अजय पाल को जमकर डांट लगाई। यहां तक कहा कि तुम लोगों को समझाकर नहीं ला सकते थे। तभी प्रेस कांफ्रेंस को छोड़कर एसपी देहात आदेश कक्ष पर पहुंचे। भीड़ ने एसपी देहात का घेराव कर लिया। मामले को शांत कर सभी को आदेश कक्ष में लेकर बैठ गए, जहां पीडि़त पक्ष ने जमकर हंगामा किया। एसपी देहात ने तीनों आरोपितों को मेडिकल कराने के बाद एक कमरे में लेकर आए, जहां पीडि़त पक्ष की बात कराई गई। बाबू खां का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने आरोपितों को पूरी स्क्रिप्ट पढ़ाई है। पीडि़त पक्ष की मांग है कि इंस्पेक्टर को थाने से हटाकर दोबारा से उनके केस की जांच कराई जाए।

लड़की से मिलने को बुलाया और चाकुओं से गोद डाला

18 नंवबर को वाहिद ने अतीक अंसारी के कत्ल की पटकथा लिख दी थी। वाहिद की घोड़ी उस दिन भागकर अचानक घर आ गई, इससे वाहिद भी पीछे पहुंच गया। इस दौरान उसने पत्नी के साथ अतीक को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। वाहिद को अतीक की हत्या से दो फायदे हुए है। एक तो पत्नी से अवैध संबंध की खुन्नस निकल गई। दूसरा, 28 नवंबर को वाहिद ने अतीक से नौ लाख में ट्रांसपोर्ट ऑफिस के लिए जमीन खरीदी थी, जिसमें चार लाख की रकम दे चुका था। ऐसे में पांच लाख की रकम से भी वाहिद को मुक्ति मिल गई।

दोस्ती में भरोसे का कत्ल

वाहिद एक ट्रांसपोर्टर है, जिसकी दोस्ती बचपन से ही अतीक अंसारी से थी। दोनों एक दूसरे में बड़ा भरोसा करते थे। वाहिद ने अतीक की हत्या के लिए एक लाख की सुपारी अपने साथी शाकिब उर्फ मोटा, इस्माइल और अनस निवासीगण सैदनगली अमरोहा को दी थी। वाहिद ने कॉल कर अतीक को एक लड़की से मिलवाने के लिए बस स्टैंड पर बुलाया, जहां पहले से ही तीनों आरोपित खड़े हुए थे। वे अतीक को साथ लेकर जंगल में ले गए। चाकू से गोदकर उसकी हत्या करने के बाद सभी दिल्ली भाग गए। इसके बाद वाहिद वह घर आ गया था। वह घर पर रहकर ही पूरे घटनाक्रम को देखता रहा। शव मिलने पर फूट-फूटकर रोया और जनाजे में शामिल भी हुआ। मोबाइल पर अंतिम कॉल वाहिद की होने की वजह से पुलिस ने पूछताछ की तो पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठ गया। अतीक की हत्या में मुख्य व्यक्ति को बचा रही पुलिस

परिवार के लोगों का आरोप है कि हत्या किसी दूसरे स्थान पर करने के बाद शव को सरसोंं के खेत में फेंका गया। आरोपित भी हत्या का स्थान बता नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि अंधेरे में हत्या करने का स्थान भूल गए। परिजनों का कहना है कि मुख्य आरोपित को बचाने की कोशिश की जा रही है। दस लाख की रकम भी गायब है, जिसे पुलिस ने दर्शाया तक नहीं है।

हत्यारोपितों की जुबानी

हत्यारोपित वाहिद ने बताया कि अतीक का हमारे घर आना जाना था, उसके संबंध मेरी पत्नी से हो गए। दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया था। तभी से हत्या की प्लानिंग की थी। कुख्यात अपराधी दानिश से संबंध थे, उसने ही शाकिब, इस्माइल और अनस से एक लाख में हत्या का सौदा कराया। हत्या करने के दौरान मैं भी तीनों के साथ था। शाकिब ने कहा कि तीनों ने चाकू से अतीक को गोद डाला। खुद के बचाव के लिए उसने भागने की कोशिश की थी।  

Posted By: Rashid

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