मुरादाबाद : पूर्व मंत्री आजम खां की ओर से सेना के जवानों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर दर्ज मुकदमे में कोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी है। कोर्ट ने पूर्व मंत्री को समन जारी कर तलब किया है। कोर्ट अब 28 सितंबर को सुनवाई करेगी। मामला मई 2017 का है

सेना पर विवादित बयान का यह मामला मई 2017 का है। इस बयान के बाद भाजपा से जुड़े पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना के बेटे आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस कोतवाली में रिपोर्ट कराई थी। उन्होंने कहना था कि सेना के जवान देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देते हैं। उनकी वजह से देश सुरक्षित है। देश की सुरक्षा में लगे जवानों पर पूर्व मंत्री का यह बयान अमर्यादित और ¨नदनीय है। उनकी तहरीर पर 30 जून 2017 को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। आजम खां ने बयान दिया था कि जिस हस्से से जिसे शिकायत होती है, उसे ही काट लिया जाता है। नकस्ली महिलाओं ने जवानों के गुप्तांग काट लिए थे। पुलिस ने अपनी जांच में उस बयान की सीडी साक्ष्य के लिए प्राप्त की। सीडी को लखनऊ प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। जांच से पुष्टि हुई कि सीडी में आवाज आजम खां की ही थी। पुलिस ने मुकदमे में पूर्व मंत्री को आरोपित मानते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट लगा दी थी। मुकदमे में धारा 153 ए लगी होने के चलते मुकदमा चलाने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई। दो माह पहले ही शासन ने मुकदमा चलाने की स्वीकृति दी थी। समन जारी कर किया तलब

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शनिवार को पूर्व मंत्री को समन जारी कर तलब कर लिया है। हालांकि आजम खां यह बात कह चुके हैं कि उन्होंने जवानों का अपमान नहीं किया, बल्कि अखबार में छपी खबर के आधार पर बयान दिया था।

Posted By: Jagran