रामपुर, जेएनएन। Azam Khan News : सपा विधानमंडल की लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से बुलाई गई बैठक में न आजम खां शामिल हुए और न ही उनके समर्थक विधायक। इसके बाद शाम को आजम खां ने मीडिया से बात की। समाजवादी पार्टी और अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराजगी के सवाल पर बोले कि मैं नाराज होने की हैसियत में नहीं हूं। मुझे न्यायपालिका से प्रोटेक्शन मिला है। हमारे साथ बहुत ज्यादती हुई है।

सपा विधायक आजम खां बोले, यह हम ही नहीं दूसरे दलों के लोग भी कह रहे हैं कि हमारे साथ ज्यादती हुई है। मेरे ख्याल से भाजपा के एमपी- एमएलए ने भी कोई ऐसी घटिया बात मेरे बारे में नहीं कही, जिससे मैं उन्हें दोषी ठहरा सकूं। वह एक एजेंडा था। कोई पूरे भारत वर्ष में इस बात पर यकीन कर लेगा कि यूनिवर्सिटी और स्कूलों का फाउंडर तंग गली में रहने वाला, जिसके पूरी दुनियां में सिर्फ दो एकाउंट हैं। एक सांसद और दूसरा विधायक की सैलरी का। फिर भी हमें माफिया बताया गया। अगर ऐसा व्यक्ति माफिया हो सकता है तो माफिया की परिभाषा बदलनी चाहिए।

ईडी ने हमसे पूछा कि विदेश में कितने एकाउंट है, कितनी कोठी हैं। हमारे साथ ही हमारे लोगों पर भी जुल्म हुआ, फिर भी हम विधानसभा चुनाव में इतने वोटों से जीत गए कि पहले कभी इतने से नहीं जीते थे। स्वास्थ्य ठीक नहीं है, सफर करना मुश्किल है, लेकिन विधायक की शपथ लेने की कोशिश करेंगे। वह अपने मीडया प्रभारी फसाहत अली खां शानू के घर भी गए। शानू खां को प्रशासन ने गुंडा एक्ट में जिला बदर कर दिया है, वह जिले से बाहर हैं। आजम खां ने उनकी बीमार मां का हालचाल जाना। इसके अलावा जिला जेल में मसूद गुड्डू से मुलाकात की। मसूद भी दो साल से जेल में बंद हैं। वह भी शत्रु संपत्ति के मकदमे में आजम खां के साथ नामजद हैं।

Edited By: Samanvay Pandey