रामपुर। लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज तीन मुकदमों की सुनवाई के लिए सांसद आजम खां बुधवार को कोर्ट में पेश नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने फिर से उनके जमानती वारंट जारी किए हैं। कोर्ट इस मामले में अब छह नवंबर को सुनवाई करेगी। तीनों मुकदमे लोकसभा चुनाव के दौरान जिले की शाहबाद कोतवाली में दर्ज किए गए थे। इनमें एक मामला लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी एवं फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में हुआ था। इसके अलावा शाहबाद कोतवाली में ही चुनाव के दौरान सैफनी में भी दो स्थानों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इन दोनों मामलों में भी शाहबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया। इस मामले में सपा सांसद को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किए गए थे लेकिन, वह पेश नहीं हुए। बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामौतार सैनी ने बताया कि वारंट पर सांसद कोर्ट में पेश नहीं हुए। अदालत ने दोबारा जमानतीय वारंट जारी किए हैं। 

सेना पर विवादित बयान देने के मामले में आजम के खिलाफ समन

सेना पर विवादित बयान देने समेत तीन मामलों में अदालत ने सांसद आजम के खिलाफ समन जारी किए हैं। इन मामलों में भी अदालत छह नवंबर को सुनवाई करेगी। भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने 30 जून 2017 को सिविल लाइंस कोतवाली में आजम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें सांसद पर भारतीय सेना के खिलाफ विवादित बयान देने का आरोप है। इसके साथ ही सांसद के खिलाफ टांडा थाने में एससीएसटी एक्ट में दर्ज दो मामलों में भी अदालत में सुनवाई शुरू हो चुकी है। सहायक शासकीय अधिवक्ता रामौतार सैनी ने बताया कि अभी तक ये मामले हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच में थे। अब यहां स्थानांतरित कर दिया गया है। तीनों मामलों में स्थानीय अदालत ने सांसद के खिलाफ समन जारी किए गए हैं। इनकी सुनवाई छह नवंबर को होगी।

भड़काऊ भाषण मामले में सांसद ने वापस ली अर्जी

भड़काऊ भाषण देने के मुकदमे में सांसद आजम खां की ओर से अदालत में दाखिल अग्रिम जमानत अर्जी वापस ले ली गई है। भड़काऊ भाषण का मामला लोकसभा चुनाव का है। सांसद पर आरोप है कि उन्होंने मतदान के दिन भड़काऊ भाषण दिया था। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। 

जौहर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार की अग्रिम जमानत मंजूर

सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार आरए कुरैशी को सत्र न्यायालय से राहत मिल गई है। उनकी अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर हो गई है। रजिस्ट्रार के खिलाफ अजीमनगर थाने में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि उनके द्वारा जमीन की पैमाइश को पहुंची टीम को रोकने का प्रयास किया गया था। इस मुकदमे में पुलिस ने सांसद और पूर्व सीओ सिटी आले हसन खां को भी नामजद किया था।

Posted By: Narendra Kumar

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