रामपुर,जेएनएन। सांसद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश हुए। जमानत की अर्जी पर सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया, बल्कि अगली सुनवाई के लिए सात मार्च लगा दी। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अपर महाधिवक्ता विनोद दिवाकर को पैरवी के लिए लगाया गया है। उन्होंने आजम खां और अब्दुल्ला को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए भी अर्जी लगा दी। अब्दुल्ला आजम के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में आजम खान, उनकी पत्नी विधायक डॉक्टर तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला ने 26 फरवरी को कोर्ट में समर्पण किया था। तब से तीनों जेल में बंद है। आजम खान और अब्दुल्ला को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सीतापुर जेल से रामपुर लाया गया। यहां एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में उनकी पेशी हुई। जमानत के प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया, बल्कि इसके लिए सात मार्च अगली तारीख लगा दी। दूसरी ओर सरकार की ओर से पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट के अपर महाधिवक्ता विनोद दिवाकर रामपुर आए। उन्होंने इन्हें रिमांड पर लेने के लिए भी अदालत में अर्जी लगा दी। कहा कि अब्दुल्ला का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया और यूनिवर्सिटी परिसर में कस्टोडियन की जमीन को भी फर्जी तरीके से वक्फ में दर्ज कराया गया। इसके लिए पूछताछ की जानी जरूरी है। 

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