मुरादाबाद, जेएनएन। रामपुर से सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की गई। इस अर्जी पर सुनवाई शुक्रवार को होगी। जिसके बाद कोर्ट से आरोपितों की पेशी के लिए जेल अफसरों को वारंट भेजा जाएगा।

नहीं पहुंचे तारीख पर 

छजलैट थाने में दर्ज इस मुकदमें में सितंबर 2019 से दोनों आरोपित किसी भी तारीख पर कोर्ट नहीं पहुंचे है। बुधवार को रामपुर कोर्ट में सरेंडर के बाद अब उनकी पेशी के लिए मुरादाबाद एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। गुरुवार को अधिवक्ता दिनेश चंद्र पाठक ने एमपी-एमएलए कोर्ट में जब अर्जी दाखिल की तो कोर्ट ने उनसे पूछा की इस समय दोनों आरोपित किस जेल में बंद है। अधिवक्ता ने रामपुर में आत्मसमर्पण की बात कही, जिसके बाद उन्हें शुक्रवार को दोबारा जेल की सही जानकारी लेकर कोर्ट में आने के लिए कहा गया। इस मामले में शुक्रवार को दोबारा से सुनवाई होगी। अधिवक्ता के मुताबिक एमपी-एमएलए कोर्ट से संबंधित जेल अफसरों के लिए पेशी का वारंट जारी किया जाएगा। 

यह था पूरा मामला

यह मुकदमा साल 2008 में छजलैट थाना क्षेत्र में मौजूदा सपा सांसद आजम खां की गाड़ी रोकने से जुड़ा है। विवाद होने पर सपा नेताओं ने रोड जाम कर दिया था। पुलिस ने तत्कालीन रामपुर की सदर सीट से विधायक रहे आजम खां, बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ नौ लोगों को आरोपित बनाया गया था। 

आजम और अब्दुल्ला के मामले की अलग होगी सुनवाई

सितंबर 2019 में हाईकोर्ट से यह मामला स्थानांतरित होकर मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट में आ गया था। अभी तक दस तारीख पड़ चुकी हैं लेकिन, किसी भी तारीख में दोनों आरोपित हाजिर नहीं हुए। एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों के खिलाफ वारंट जारी करने के साथ ही कुर्की से संबंधित धारा-82 की कार्रवाई की थी। इस केस से जुड़े कुल नौ आरोपितों में से सात आरोपितों की फाइल को कोर्ट ने अलग कर दिया है। जबकि सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के केस की अलग से सुनवाई होगी।

       

Posted By: Narendra Kumar

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