रामपुर, जेएनएन। सपा सांसद आजम खां को राजस्व परिषद से तगड़ा झटका लगा है। जौहर यूनिवर्सिटी के लिए बिना अनुमति दलितों की जमीन खरीदने के 10 मुकदमों में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है।  

सपा सासंद आजम खां के खिलाफ मार्च 2018 में राजस्व परिषद इलाहाबाद में 10 मुकदमे दायर कराए गए थे। हालांकि यह जमीन सपा शासनकाल में खरीदी गई थी। भाजपा के सत्ता में आने पर भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। आरोप लगाया कि आजम खां ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष की हैसियत से यूनिवर्सिटी के लिए दलितों की जो जमीन खरीदी, उसमें नियमों का पालन नहीं किया गया। दलितों को पट्टे में जमीन मिली थी, जिसे बेचने का उन्हें अधिकार नहीं था। दलित की जमीन बेचने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। इस पर तहसीलदार ने 2013 में ही अपील भी दायर की थी लेकिन, उपजिलाधिकारी और मंडलायुक्त ने निष्पक्ष न्यायिक मस्तिष्क से विचार किए बिना निर्णय पारित कर दिया। 

जिलाधिकारी का अनुमति संबंधी आदेश नहीं था लेकिन, यह कह दिया गया कि आदेश कहीं गुम हो गया है। इसे मंडलायुक्त ने मान भी लिया। शिकायत में उन्होंने मंडलायुक्त के सात नवंबर 2013 को दिए आदेश को निरस्त करने की मांग की। इस मामले में जांच पड़ताल के बाद मार्च 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर ङ्क्षसह ने राजस्व परिषद में 10 मुकदमे दायर करने के आदेश दिए। आकाश सक्सेना को पैरवी के लिए निगरानी कर्ता भी बनाया गया। उन्होंने बताया कि परिषद ने अब फैसला सुना दिया है। परिषद ने मंडलायुक्त के आदेश को गलत ठहराया है। अब रजिस्ट्री खारिज होंगी। करीब 100 बीघा जमीन विवि परिसर में है। 

यह लगाया गया था आरोप

आरोप लगाया कि आजम खां ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष की हैसियत से यूनिवर्सिटी के लिए अनुसूचित जाति की जो जमीन खरीदी, उसमें नियमों का पालन नहीं किया गया। दलितों को पट्टे में जमीन मिली थी, जिसे बेचने का उन्हे अधिकार नहीं था। दलित की जमीन बेचने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेना भी जरूरी है, लेकिन डीएम से अनुमति नहीं ली गई। इसपर तहसीलदार ने 2013 में ही अपील भी दायर की थी। लेकिन, उपजिलाधिकारी और मंडलायुक्त ने निष्पक्ष न्यायिक मस्तिष्क से विचार किए बिना निर्णय पारित कर दिया। 

सीएम से दलितों की जमीन दिलाने की मांग करेंगे 

भाजपा नेता का कहना है कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलकर उक्त जमीन दलितों को ही दिलाने की मांग करेंगे, ताकि वे अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। दलितों के अधिकारों का हनन हुआ है। इसलिए जौहर ट्रस्ट के सभी सदस्यों पर एससी एसटी एक्ट में भी मुकदमा कराया जाए। 

जमीन को सरकारी संपत्ति में दर्ज करने की होगी कार्रवाई : डीएम

जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह का कहना है कि अभी उन्हें आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। जमीन को सरकारी संपत्ति में दर्ज करने के लिए प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।

आजम के घर पर एक और नोटिस चस्पा

सांसद आजम खां के घर पर पुलिस ने एक और नोटिस चस्पा कर दिया है। अदालत ने तीन दिन पहले उनके खिलाफ एक मामले में धारा 82 के तहत नोटिस जारी किया था। आजम खां के खिलाफ अब तक चार-पांच मामलों में गैरजमानती वारंट और कुर्की प्रक्रिया (धारा-82) के तहत नोटिस जारी हो चुके हैं। पड़ोसी आरिफ रजा खां से मारपीट के मामले में भी अदालत ने कुर्की प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किया, जिसे गंज पुलिस ने रविवार को उनके घर पर चस्पा करा दिया। गंज थाना प्रभारी राम सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर नोटिस तामील करा दी गई है। उनके घर पर नोटिस चस्पा करा दिया गया है।

Posted By: Narendra Kumar

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