अमरोहा।  Amroha news। झोलाछाप की लापरवाही से महिला की मौत हो जाने के बावजूद महकमा कार्रवाई करने से किनारा कर रहा है। जबकि एक माह में क्लीनिक पर दूसरी महिला की मौत हुई है। महकमे ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि एक माह पहले क्लीनिक को सील कर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं।जिले में झोलाछाप लोगों को मौत बांट रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा इसके प्रति गंभीर नहीं है। कार्रवाई के नाम पर क्लीनिक सीज तक ही सीमित है। जिसमें बाद में समझौता होने पर उसे क्लीनचिट दे दी जाती है।

हसनपुर तहसील क्षेत्र के रहरा निवासी कलुआ की पत्नी रूमा को प्रसव पीड़ा पड़ोसी गांव में झोलाछाप के यहां भर्ती कराया था। वहां झोलाछाप ने महिला का आपेशन कर दिया। जिसमें बच्चा तो स्वस्थ हैं, लेकिन गलत आपरेशन करने पर जच्चा की मौत हो गई। हंगामा करने पर झोलाछाप ने समझौता कर लिया था। स्वास्थ्य महकमा सबकुछ जानने के बावजूद कार्रवाई करने के नाम पर किनारा कर लिया। सीएमओ डॉ. मेघ सिंह का कहना है कि इसी झोलाछाप की लापरवाही से एक माह पूर्व एक महिला की जान जा चुकी है। जिसमें क्लीनिक को सीज कर झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

सील क्लीनिक में ही किया था महिला का आपरेशन

रहरा के झोलाछाप के क्लीनिक पर एक माह पूर्व एक महिला की गलत उपचार से मौत हो चुकी है। जिसमें स्वास्थ्य महकमा झोलाछाप के खिलाफ क्लीनिक सील करने की दावेदारी कर रहा है। इसी क्लीनिक में रहरा निवासी मजदूर कलुआ की की पत्नी रूमा भर्ती थी। जिसकी गलत आपरेशन से मौत हो गई। सोचने वाली बात यह है कि अगर क्लीनिक सील था तो महिला कैसे भर्ती हुई। लोग स्वास्थ्य महकमे की तरफ अंगुली उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि महकमे ने साठगांठ कर झोलाछाप को क्लीनिक की चाबी दे दी। वहीं सीएमओ डॉ. मेघ सिंह ने बताया कि झोलाछाप का क्लीनिक सील है। दूसरी जगह महिला का आपरेशन किया गया है।

 

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