रामपुर, जेएनएन। सपा मुखिया अखिलेश यादव का सोमवार को रामपुर आना प्रस्तावित है। वे दो रात रामपुर में ही रहेंगे और 11 को गांधी समाधि पर धरना भी देंगे। इसको लेकर सपाई और आजम के विरोधी आमने-सामने आ गए हैं। विरोधियों ने भी गांधी समाधि पर धरने प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी है। इससे टकराव के हालात है। अनुमति को लेकर प्रशासन असमंजस में है।  

रामपुर में पिछले दो माह से सांसद आजम खां के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। उनके खिलाफ 73 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। प्रशासन उन्हें भूमाफिया घोषित कर चुका है। उनके खिलाफ ईडी ने भी केस दर्ज कर लिया है। इसके विरोध में सपाई आंदोलन कर चुके हैं। अब सपा मुखिया अखिलेश यादव खुद नौ सितंबर को रामपुर आ रहे हैं। सपाई उनके कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं। वह 11 सितंबर को गांधी समाधि पर धरना भी देंगे। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मुतिउर्हमान  खान बब्लू ने तो आजम खां के समर्थन में आने पर सपा मुखिया के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए प्रशासन से अनुमति भी मांगी है। ऐसे में टकराव के हालात पैदा हो गए हैं। 

अखिलेश के विरोध के लिए आजम विरोधी हुए एकजुट

नवेद मियां का कहना है कि अखिलेश मुहर्रम के मौके पर रामपुर आ रहे हैं, जो शर्मनाक बात है, जबकि अब्दुल सलाम कहते हैं कि अखिलेश अगर रामपुर आएंगे तो हम उनका विरोध करेंगे। तंजीम अहले सुन्नत के सदर मौलाना मोहब्बे अली नईमी ने भी विरोध जताया है। 

अभी किसी को धरने की अनुमति नहीं : डीएम

जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार ङ्क्षसह ने रिपोर्ट में कहा है कि अखिलेश के कार्यक्रम का रामपुर में लोग विरोध कर रहे हैं। मुहर्रम का मौका है। डीएम का कहना है कि सपा ने 11 सितंबर को धरने की अनुमति मांगी है। सपा के राष्ट्रीय कार्यालय से सपा मुखिया का कार्यक्रम मांगा है। ताकि हम उसके अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था कर सकें। पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा ने बताया कि सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहेंगे। किसी को भी कानून से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

 

Posted By: Narendra Kumar

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