मुरादाबाद, जेएनएन। रामपुर के सैफनी चौकी क्षेत्र में मतांतरण के मामले में फरार चल रहा मुख्य आरोपित आखिरकार पुलिस के दबाव के चलते कोर्ट में हाजिर हो गया। उसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। मामला सैफनी के बैरुआ गांव का है।

यहां रहने वाले ट्रक चालक महफूज की दोस्ती उत्तराखंड के बाजपुर निवासी हरकेश से थी। आठ मई को हरकेश की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसकी पत्नी बच्चों के साथ उत्तराखंड के कालाढूंगी में रहने लगी थी। पति की मौत के बाद महफूज उसकी पत्नी और बच्चों को सहारा देने के बहाने अपने गांव ले आया। आरोप है कि उसने दोस्त की पत्नी का मतांतरण कराकर निकाह कर लिया। महिला और उसके बच्चों का नाम भी बदल दिया। महफूज के परिवार वालों ने महिला के दो बेटों का खतना भी करवा दिया। करीब 10 दिन पहले पुलिस ने बैरुआ गांव में महफूज के घर छापा मारकर महिला व उसके बच्चों को छुड़ाया था। पुलिस ने महफूज समेत उसकी मां, पिता और खतना करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। महफूज फरार हो गया था, जबकि बाकी तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपित महफूज की गिरफ्तारी को पुलिस रोजाना दबिश दे रही थी। पुलिस का दबाव बढ़ता देख वह खुद ही अदालत में हाजिर हो गया। सैफनी चौकी प्रभारी प्रवीन कुमार कटियार ने बताया कि मुकदमे के सभी आरोपित जेल चले गए हैं। हालांकि अभी विवेचना जारी है, जिसमें दो और नाम प्रकाश में आए हैं।

धमकी देने के मामले में दी तहरीर : रामपुर के टांडा में युवक ने मानसिक रूप से प्रताड़ित करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में चार के खिलाफ तहरीर दी है। मुहल्ला काजीपुरा निवासी गयस फारूकी का कहना है कि वह एक समाचार पत्र से जुड़ा है। उसकी खबरों पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कुछ युवक उसको मानसिक प्रताड़ित करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। गयस फारूकी ने पांच युवकों के खिलाफ तहरीर दी है।

Edited By: Narendra Kumar