रामपुर, जेएनएन। सपा सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन ने गुरुवार को भी बड़ी कार्रवाई की। 26 किसानों को जमीन पर कब्जा दिला दिया। इससे पहले बुधवार को भी यूनिवर्सिटी की दो इमारतें कुर्क करने की कार्रवाई की गई थी।

उप जिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी गुरुवार दोपहर राजस्व टीम के साथ यूनिवर्सिटी पहुंचे और पैमाइश कराकर किसानों को कब्जा दिला दिया। इन जमीनों पर कब्जा करने के आरोप में किसानों ने आजम खां पर मुकदमे भी कराए थे और प्रशासन ने भूमाफिया घोषित कर दिया था। 

जमीन कब्‍जाने के 28 मुकदमे दर्ज

समाजवादी पार्टी के सांसद एवं मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति आजम खां के खिलाफ यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने के 28 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आलियागंज के 26 किसानों ने पिछले साल जुलाई में जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह को शपथ पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि आजम खां ने सपा शासनकाल में उनकी जमीन जबरन जौहर यूनिवर्सिटी में मिला ली। विरोध करने  पर तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन खां ने उन्हें डराया धमकाया और हवालात में बंद किया।

18 जुलाई को आजम को घोषित कियाा गया था भू-माफिया

इन शपथ पत्रों की जांच कराई गई और फिर 12 जुलाई को प्रशासन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद आलियागंज के उन सभी 26 किसानों ने अजीमनगर थाने में अलग-अलग तहरीर देकर रिपोर्ट कराई। इसी दौरान 18 जुलाई को उपजिलाअधिकारी की ओर से उनका नाम एंटी भू-माफिया पोर्टल पर दर्ज करा दिया गया। इस पोर्टल पर उन्हीं लोगों के नाम दर्ज कराए जाते हैं, जो जमीनों पर कब्जा करते हैं और उन्हें छोड़ते नहीं।

104 बीघा जमीन को प्रशासन ने कब्‍जे में लिया

प्रशासन ने बुधवार को  भी यूनिवर्सिटी में 104 बीघा जमीन को कब्जे में ले लिया था। यह जमीन 10 दलितों से डीएम की परमिशन लिए बिना खरीदी गई  थी। इसके अलावा 1.37 करोड़ लेबर सेस जमा न करने पर यूनिवर्सिटी की दो इमारतें भी कुर्क कर ली गई थीं।

 

Posted By: Narendra Kumar

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