मुरादाबाद [मुस्लेमीन]। देश में हर तरफ लड़ाई झगड़े का माहौल है। आए दिन चोरी, लूटमार, हत्या, दुष्कर्म की घटनाएं गाव और शहर से आती हैं। इन सबके बीच रामपुर जिले में एक गांव ऐसा भी है जहा आजादी के बाद से आज तक कोई झगड़ा नहीं हुआ। न ही कोई अपराध हुआ है। आपसी भाइचारे की मिसाल पेश कर रहा है

रामपुर जिले के टाडा थाना क्षेत्र का अलीपुरा गांव। इस गाव के लोगों में गजब की एकता है। जात पात का कोई भेदभाव नहीं है। सभी मिलजुलकर रहते हैं। सुख दुख में एक दूसरे के काम आते हैं। यही वजह है कि इस गांव में कभी झगड़ा नहीं हुआ। यहां चोरी, डकैती, छेड़छाड़, दुष्कर्म और कत्ल की वारदातें कभी नहीं होतीं। इसकी गवाही थाने का रिकार्ड भी दे रहा है, जिसमें अलीपुरा का एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है। पाच सौ लोग रहते हैं गांव में अलीपुरा गाव में करीब पाच सौ लोग रहते हैं।

इनमें ब्राह्मण, जाट और गड़रिया जाति के लोग शामिल हैं। जाटों की संख्या सबसे ज्यादा है। सभी लोग पढ़े लिखे हैं। खेती किसानी के साथ ही सरकारी और गैर सरकारी सेवाओं में भी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। गांव की दो जाट युवतिया बबीता और सोनम दो साल पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुई हैं। इन्हें वर्दी में देखकर गांव की हर युवती सिपाही बनने का सपना देख रही है। सुबह उठकर गाव के रास्ते पर दौड़ लगाती हैं।

प्रदेश सरकार ने पुलिस में जो भर्ती निकाली हैं, उनमें भी गांव की 20 युवतियों ने आवेदन किया है। युवा भी पढ़ाई पर खूब जोर दे रहे हैं। एक युवक यशपाल सेना में और दूसरा मुकेश पुलिस में है, जबकि एक युवक सिपाही से दारोगा बन गया। गाव में 20 से ज्यादा टीचर हैं।

कभी थाने नहीं जाते लोगः गांव के 80 वर्षीय सत्यनारायण शर्मा बताते हैं कि गाव में सभी लोग मिलजुलकर रहते हैं। जात पात का कोई भेदभाव नहीं है। हमारे गाव में कभी कोई कोई झगड़ा नहीं हुआ। कभी कोई व्यक्ति शिकायत लेकर थाने नहीं पहुंचा। अगर कोई विवाद हुआ भी तो गाव के ही संभ्रात लोगों ने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर सुलझा दिया। जमीन का बंटवारा भी गांव के लोग ही करा देते हैं। लेखपाल सिर्फ राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज करने का काम करते हैं। थाना प्रभारी जीत सिंह बताते हैं कि थाने के रिकार्ड में अलीपुरा गांव का कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। यह पूरी तरह निर्विवाद गाव है।

दूसरों के लिए मिसाल हैं गाव के लोग : एसपी यह बहुत अच्छी बात है कि रामपुर में ऐसा भी गांव है, जिसमें कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ। इस गांव के लोग दूसरों के लिए भी मिसाल हैं। ऐसे लोगों की वजह से साप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा मिलता है और शाति व्यवस्था भी बनी रहती है। यहा शाति है, इसीलिए इस गांव के युवक युवतिया तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। - शिव हरि मीना, पुलिस अधीक्षक, रामपुर