जेएनएन, रामपुर। सात साल के बच्चे की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इसके बाद लाश को बोरे में बंद कर नदी किनारे दबा दिया। हत्यारों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए परिजनों से 15 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी, जबकि मामला दूसरा निकला। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया है।

मसवासी के मुहल्ला भूबरा निवासी वीर सिंह का सात साल का बेटा अंश सोमवार को घर के बाहर खेलते समय गायब हो गया था। परिजनों ने तलाश की तो पता चला कि उसे कुछ लोग अंश को बाइक पर ले गए हैं। परिजनों ने रिपोर्ट कराई। इसके बाद 15 लाख रुपये की फिरौती के लिए फोन आया। इससे परिजनों के होश उड़ गए। फिरौती मांगने की जांच शुरू की। जिस मोबाइल नंबर से फिरौती के लिए कॉल किया, उसके आधार पर पुलिस विकास मौर्य तक पहुंच गई। एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि विकास ने पूछताछ में जुर्म कुबूल कर लिया है।

विकास मौर्य और पड़ोस के गांव सीता रामपुर के विकास सैनी उसकी बहन पर गलत नजर रखते थे। विकास मौर्य को शक था कि अंश ने उनको देख लिया है। इसी शक में अंश की हत्या कर दी गई। घटना वाले दिन विकास सैनी ही अंश को बाइक पर बैठाकर ले गया। आगे अनुराग, रोहित व रवि मिल गए। पांचों ने उसकी हत्या कर लाश नदी किनारे दबा दी। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर अंश का शव बरामद किया। विकास मौर्य व अनुराग ने पूछताछ में बताया कि फिरौती की मांग गुमराह करने के लिए की थी। अंश की हत्या पहले ही कर चुके थे। आरोपित विकास मौर्य व रोहित भूबरा गांव के हैं, जबकि विकास सैनी, अनुराग व रवि पड़ोस के गांव सीता रामपुर के हैं।

 

Posted By: Narendra Kumar

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