यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
साहित्यकार डॉ. रामानंद शर्मा को विद्याभूषण सम्मान
मुरादाबाद, जासं : बुधवार को ¨हदी दिवस पर उप्र ¨हदी संस्थान लखनऊ की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार व ¨हदू का

मुरादाबाद, जासं : बुधवार को ¨हदी दिवस पर उप्र ¨हदी संस्थान लखनऊ की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार व ¨हदू कालेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. रामानंद शर्मा को विद्या भूषण सम्मान से नवाजा गया है। वह महानगर में पहले साहित्यकार हैं जिन्हें विद्या भूषण सम्मान उप्र शासन की ओर से मिला है। पुरस्कार मिलने पर साहित्यकारों में खुशी का माहौल है। ¨हदी के उत्थान के लिए हर स्तर पर उनकी लेखनी कसौटी पर खरी उतरी है। लखनऊ के यशपाल सभागार में डॉ. रामानंद शर्मा को यह सम्मान शिक्षण, शोध और अनुसंधान के प्रति समर्पित मानविकी विषयों से संबंधित विधाओं के लेखन के लिए मिला है। व्यवसाय और कौशल विकास मंत्री डॉ. अभिषेक मिश्रा ने उन्हें शॉल, तामपत्र व दो लाख रुपये का चेक देर सम्मानित किया है।
जिगर कालोनी निवासी डॉ.रामानंद शर्मा की किताबों से देश व विदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई होती है। कनाडा के कारलटन विश्वविद्यालय ओटावा में डॉ. रामानंद शर्मा की पुस्तक 'कृष्ण के विस्मृत कवि' पढ़ाई जाती है। वह रीतिकाल के अप्रकाशित ग्रंथों पर किताब लिख चुके हैं। अब तक इनकी 30 किताबों में 25 ¨हदी व पांच किताबें संस्कृत में प्रकाशित हो चुकी हैं। 'भारतीय काव्य शास्त्र' के ¨हदी में चार संस्करण व 'कामसूत्र' के पांच साल में ही दो संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। डॉ. रामानंद शर्मा के जीवन पर उनके शिष्य राजीव कुमार यादव पीएचडी कर चुके हैं। इनके सानिध्य में करीब 50 छात्र-छात्राओं ने अपना शोध कार्य पूरा किया है। डॉ. रामानंद शर्मा ने इस सम्मान के लिए उप्र ¨हदी साहित्य संस्थान का आभार जताते हुए कहा कि ¨हदी के विकास को ¨हदी के पुरोधा आगे आएंगे तभी आज की पीढ़ी इसको महत्व दे पाएगी। ¨हदी ने अपनी देश विदेश में पहचान बनाई है लेकिन अपने घर में ¨हदी की उपेक्षा करने वालों को सोच बदलने की जरूरत है।
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अब तक मिले सम्मान
- ¨हदी दिवस 16 सितंबर 2016 को साहित्य मंडल नाथ उदयपुर की ओर से सम्मान।
-वर्ष 2014 में भारतीय भाषा परिषद कोलकाता की ओर से सम्मान।
-वर्ष 2010 में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता समिति उप्र द्वारा शिक्षक कर्तव्यनिष्ठ सम्मान।
-वर्ष 2007 में साहित्य कला मंच तथा साहित्य चूड़ामणि की उपाधि।
- वर्ष 2004 में उप्र संस्कृत संस्थान लखनऊ की ओर से विविध सम्मान।
- अगस्त 2000 में उप्र संस्कृत संस्थान लखनऊ द्वारा राज्यपाल के हाथों सम्मान।
- 1999 में महाराष्ट्र दलित साहित्य अकादमी भुसावल की ओर से प्रेमचंद लेखक सम्मान।
- 1996 में प्रगतिशील साहित्यकार संघ की ओर से सम्मान
- जुलाई 1994 में संस्कार भारती की ओर से सारस्वत सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है।
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उपलब्धियों की एक झलक
- प्रकाशित कृतियों -30
-पर्यवेक्षण में पूरे हुए शोध -50
-शोधपत्र व सांस्कृतिक लेख -42
-पुस्तक समीक्षाएं - 25
-शोध प्रोजेक्ट कार्य - 3
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जीवन परिचय
जन्म 25 जुलाई 1951
जन्म दिवस के दिन ही 1972 को नौकरी मिली।
जन्म स्थान-हापुड़ जनपद का इकलहड़ी गांव।
शिक्षा-बीए आनर्स, एमए ¨हदी व संस्कृत, पीएचडी व 1989 को मेरठ विश्वविद्यालय से डीलिट की उपाधि प्राप्त है। वर्ष 1990 से अभी साहित्य सेवा में हैं।
