मुरादाबाद, जेएनएन: किसानों के गन्ना सट्टे के सर्वे में तमाम गड़बड़ी मिल रही हैं। किसी किसान का नाम सही नहीं है तो कोई बिना गन्ना की खेती किए सट्टे की लाइन में खड़ा है। अब तक सट्टे पर 1,126 आपत्तियां आ चुकी हैं। तीन गन्ना समितियों में सट्टे की आपत्तियों का निस्तारण कराने के लिए 10 दिवसीय सर्वे सट्टा मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें अब तक 467 आपत्तियों का ही निस्तारण किया जा सका है।

पेराई सत्र 2021-22 के लिए किसानों के गन्ना सट्टे के आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गन्ना सर्वेक्षण के बाद ग्राम स्तरीय सर्वे सट्टा प्रदर्शन का कार्य पूर्ण हो गया है। अब सहकारी गन्ना विकास समिति मुरादाबाद, कांठ एवं बिलारी में 10 दिवसीय सर्वे सट्टा प्रदर्शन मेले लगाए जा रहे हैं। इनमें कृषकों से सर्वे एवं कृषि योग्य भूमि संशोधन संबंधी प्रार्थना पत्र प्राप्त हो रहे हैं, जिनका जांच के बाद निस्तारण किया जा रहा है। मेले में समिति वार प्राप्त आपत्तियां निस्तारित हो रही हैं। लेकिन, इसके बाद भी आपत्तियां निस्तारित नहीं हो पाई हैं। गन्ना विभाग के अधिकारियों की ढिलाई की वजह से मुरादाबाद ही नहीं पूरे मंडल में किसान परेशान घूम रहे हैं। ऐसे किसानों का सट्टा हो गया है, जिनके खेत में गन्ने की खेती ही नहीं हो रही है। कुछ ऐसे भी किसान परेशान होकर भटक रहे हैं, जिनके खेतों में गन्ने की फसल खड़ी है और सट्टे के लिए परेशान हैं। जिला गन्ना अधिकारी अजय सिंह ने कहा किसान इस अवसर का लाभ उठाएं। सर्वे एवं सट्टे संबंधी आंकड़ों को अवश्य देख लें। यदि कोई त्रुटि या शिकायत है तो प्रार्थना पत्र मेले में निर्धारित काउंटर पर दे दें। जांच कराकर उसका निस्तारण होगा। मेला समाप्त होने के बाद सर्वे एवं सट्टे से संबंधित कोई शिकायत नहीं ली जाएगी। जो किसान आनलाइन घोषणा पत्र भरने से रह गए हैं, उनके लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था की गयी है। गन्ना समिति का नाम मिली आपत्तियां निस्तारित आपत्तियां

कांठ 680 282

मुरादाबाद 343 123

बिलारी 103 62

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योग 1126 467

Edited By: Jagran