जागरण संवाददाता, मीरजापुर : पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में हो रहे अप्रत्याशित बदलाव का असर जनपद में भी दिखाई पड़ने लगा है। शुक्रवार को जहां कई स्थानों पर ओले गिरे वहीं शनिवार व रविवार को भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो पक चुकी फसल काटने से सड़ने का खतरा बढ़ेगा इसलिए किसान कुछ दिन इंतजार करें।

बीएचयू वाराणसी के भू-भौतिकी विभाग के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के तकनीकी अधिकारी शिवमंगल सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में अप्रत्याशित बदलाव हो रहा है। 14 व 15 मार्च को जिले में दस से 15 एमएम तक बारिश की संभावना है। वहीं रविवार को भी छह से दस एमएम बारिश होगी। 17 व 18 मार्च को बारिश नहीं होगी और धूप निकलने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि सरसों या अन्य फसल जो पक चुकी है, उसे काटकर खेत में बिलकुल भी न छोड़ें क्योंकि इससे फफूंदी लगने व फसल सड़ने का खतरा है। उन्होंने यह भी बताया कि जो किसान आगे की फसल के लिए सिचाई करने की सोच रहे हैं, वे भी दो दिनों तक इंतजार करें क्योंकि 10-15 एमएम की बारिश सिचाई के लिए भी पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि इस समय मौसम में जैसा बदलाव हो रहा है, ऐसा पहले नहीं देखा गया और इसका कारण क्लाइमेट चेंज है।

गर्म हवाओं के असर से बदलाव

भू-भौतिकी विभाग के तकनीकी अधिकारी शिवमंगल सिंह ने बताया कि तुर्की की ओर से चलने वाली गर्म हवाएं, चीन से टकराकर बंगाल की खाड़ी के रास्ते उत्तर भारत में असरकारी साबित हो रही हैं। इसी वजह से मार्च महीने में इस तरह का बदलाव दिख रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार वनों के कटाव, बढ़ते प्रदूषण की वजह से वैश्विक स्तर पर क्लाइमेट चेंज हो रहा है और यही कारण है कि मौसम में अप्रत्याशित बदलाव हो रहा है।

Posted By: Jagran

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