जासं, भदोही : लंबे समय से भदोही में कालीन मेला आयोजन की उठ रही मांग अब पूरी होने वाली है। देर से ही सही शासन ने कार्पेट एक्सपो मार्ट का हैंडओवर कराकर मेला आयोजन का मार्ग प्रशस्त कर दिया। अब गेंद कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के पाले में है। वैसे सीईपीसी ने इस पर रणनीति तैयार करने की बात कही है।

वर्ष 2018 से ही भदोही में मेला आयोजन की कवायद चल रही थी। अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) सहित अधिकतर निर्यातक निर्माणाधीन मेगा मार्ट में ही मेला आयोजन के पक्षधर रहे। हालांकि सीईपीसी इसके लिए तैयार नहीं हुई। इसी तरह अक्टूबर वर्ष 2019 में इंडिया कारपेट एक्सपो से पहले पूरी संभावना जताई जा रही थी कि भदोही में मेले का आयोजन होगा। यहां तक कि सीईपीसी भी इसके लिए तैयार हो गई थी लेकिन मार्ट में कमियां गिनाते हुए मेले का आयोजन वाराणसी में किया गया। बहरहाल अब कोई कमी नहीं है। किसी प्रकार का संशय नहीं रह गया है। परिषद की मांग के अनुसार सभी कमियों को दुरुस्त कर मार्ट उनके हवाले कर दिया गया है। हैंडओवर कार्यक्रम के दौरान सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम व लघु प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव ने जल्द से जल्द मेला आयोजन पर बल भी दिया है। इतना तो तय है कि आगामी अक्टूबर में आयोजित होने वाला इंडिया कारपेट एक्सपो भदोही में होगा लेकिन प्रमुख सचिव बीच में ही मेले के पक्षधर हैं। हालांकि मई व जून तक अंतर्राष्ट्रीय कालीन मेले का आयोजन करना परिषद के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। बताते चलें कि परिषद द्वारा वर्ष में दो बार इंडिया कारपेट का आयोजन किया जाता है। इस क्रम में आगामी मार्च में दिल्ली में आयोजन होना है। इसके बाद दूसरा फेयर अक्टूबर में लगाया जाता है। हालांकि परिषद के चेयरमैन सिद्धनाथ सिंह ने भरोसा दिलाया है कि इस संबंध में जल्द निर्णय लिया जाएगा।

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वर्ष 2014 में मिली थी हरी झंडी

- प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार ने उक्त परियोजना के लिए वर्ष 2014 में हरी झंडी दी थी। वर्ष 2015 में मार्ट का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया था। हालांकि विभिन्न कारणों से इसमें विलंब होता गया। बावजूद इसके वर्ष 2017 के अंत तक मार्ट बनकर तैयार हो गया था। इसके बाद मार्ट संचालन कौन करेगा इसे लेकर एक साल तक उहापोह की हालत रही। विभिन्न प्रक्रिया के बाद मार्ट संचालन के लिए शासन द्वारा सीईपीसी को अधिकृत किया गया। परिषद के पदाधिकारियों ने मार्ट का निरीक्षण कर 26 बिदुओं पर कमियां गिनाईं। विगत वर्ष मार्च से अब तक कमियों को ही दुरुस्त कराया जा रहा था। पांच माह पहले भदोही आए प्रमुख सचिव की गंभीरता व बीडा अधिकारी की सक्रियता के बाद इसमें तेजी आई।

Posted By: Jagran

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