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विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0: अब 14 नए हुनर से युवाओं को मिलेगा रोजगार और आत्मनिर्भरता

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:55 PM (IST)

उद्योग विभाग ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत 14 नए रोजगारपरक ट्रेड शामिल किए हैं, जिससे युवाओं को पारंपरिक और आधुनिक हुनर सिखाकर स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।

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HighLights

  1. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में 14 नए ट्रेड शामिल।

  2. युवाओं को 10 दिन का रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. प्रशिक्षण के बाद 10 लाख तक ऋण सुविधा उपलब्ध।

जागरण संवाददाता, मीरजापुर। हुनर हाथ में हो तो रोजगार की तलाश में शहर बदलने की जरूरत नहीं। इसी सोच के साथ शासन ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा बढ़ाते हुए दूसरे चरण में 14 नए रोजगारपरक ट्रेड शामिल किए हैं।

अब पारंपरिक कारीगरी के साथ बदलते बाजार की जरूरत के अनुरूप मोबाइल और कंप्यूटर मरम्मत, इलेक्ट्रानिक व विद्युत उपकरणों की मरम्मत, आटोमोबाइल, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और सौंदर्य एवं वेलनेस जैसे काम भी युवाओं को सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थी इन हुनरों को स्वरोजगार का आधार बना सकेंगे।

अभ्यर्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण

उद्योग विभाग का उद्देश्य युवाओं को हुनर के आधार पर स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना और उनके लिए स्थायी आय का साधन तैयार करना है। योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित ट्रेड में 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसमें काम की तकनीक, उपकरणों का इस्तेमाल, कार्य की बारीकियां और व्यवसाय संचालन की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

बदलते बाजार ने बदला हुनर का दायरा

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के पहले चरण में बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे 11 पारंपरिक ट्रेड शामिल थे।

इन ट्रेडों के माध्यम से परंपरागत कारीगरों के हुनर को प्रशिक्षण, रोजगार और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया गया। अब बाजार और रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए योजना में नए कामों का दायरा बढ़ाया गया है।

इन नए ट्रेड में मिलेगा प्रशिक्षण

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के दूसरे चरण में 14 नए ट्रेड में मूर्तिकार, मालाकार, भड़भूजा, दूधवाला, मछुआरा, मोबाइल मरम्मत, आटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रानिक सामान की मरम्मत, विद्युत सामान की मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस शामिल हैं।

इन ट्रेडों का चयन सीधे रोजगार और बाजार की जरूरत से जुड़ा है। मोबाइल और कंप्यूटर की बढ़ती निर्भरता से मरम्मत के काम में अवसर हैं तो सौर ऊर्जा के विस्तार से सोलर इंस्टालेशन जैसे हुनर की मांग बढ़ रही है। इसी तरह आटोमोबाइल और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मरम्मत भी स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार का रास्ता खोलेगी।

प्रशिक्षण के बाद 10 लाख तक ऋण सुविधा भी

योजना की खास बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को अपना काम शुरू करने के लिए वित्तीय मदद का अवसर भी मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रशिक्षित युवा अपने हुनर के अनुरूप दुकान, सर्विस सेंटर या अन्य स्वरोजगार शुरू करने के लिए पूंजी जुटा सकेंगे।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में परंपरागत व्यवसायों के साथ बाजार की वर्तमान मांग को ध्यान में रखते हुए 14 नए ट्रेड शामिल किए गए हैं। योजना के तहत चयनित युवाओं को 10 दिन का प्रशिक्षण देकर संबंधित कार्य में दक्ष बनाया जाएगा। साथ ही रोजगार के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा भी दी जाएगी।

-वीरेंद्र कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग, विंध्याचल मंडल।