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नवरात्र में मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने में श्रद्धालुओं को नहीं होगी असुविधा, प्रशासन ने की स्पेशल व्यवस्था

Published: Sat, 14 Mar 2026 06:16 PM (IST)

विंध्याचल में नवरात्र मेला 18/19 मार्च की रात से शुरू हो रहा है। मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की है।

मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने में श्रद्धालुओं को नहीं होगी असुविधा।

मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने में श्रद्धालुओं को नहीं होगी असुविधा।

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जागरण संवाददाता, विंध्याचल (मीरजापुर)। वासंतिक नवरात्र मेला 18/19 मार्च की रात से प्रारंभ हो रहा है। नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को लेकर मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। इस दौरान श्रद्धालुओं को अलग-अलग मार्गों से लाइन लगाकर गर्भगृह एवं झांकी से दर्शन कराया जाएगा।

बताया गया कि न्यू वीआईपी मार्ग स्थित गेट नंबर-दो से तीन लाइनें लगाई जाएंगी। इसमें दो लाइनें आम श्रद्धालुओं के लिए होंगी, जबकि तीसरी लाइन से तीर्थ पुरोहित अपने यजमानों को लेकर गर्भगृह में दर्शन कराने के लिए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त पुरानी वीआईपी मार्ग स्थित गेट नंबर-एक से वीआइपी व अति विशिष्ट श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ये श्रद्धालु राधा-कृष्ण मंदिर मार्ग से होते हुए दानपात्र के रास्ते गर्भगृह में प्रवेश कर माता रानी का दर्शन करेंगे। गर्भगृह में प्रवेश के लिए दूसरे प्रवेश द्वार से भी दो लाइनें बनाई जाएंगी।

एक लाइन पक्का घाट की ओर से तथा दूसरी जयपुरिया गली की ओर से आएगी। दोनों मार्गों से आने वाले श्रद्धालु लाइन में लगकर गेट नंबर-दो से प्रवेश कर मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन करेंगे।

वहीं झांकी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को थाना कोतवाली मार्ग से गेट नंबर-तीन के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। दर्शन के बाद सभी श्रद्धालुओं का निकास मंदिर परिसर के पूर्वी दिशा की ओर से कराया जाएगा।

नवरात्र मेले को देखते हुए मंदिर प़्रभारी उदय प्रताप सिंह ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुगमता से मां विंध्यवासिनी के दर्शन प्राप्त हो सकें।