जागरण संवाददाता, मीरजापुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लगभग तीन बजे के करीब मंडलायुक्त सभागार में जनपद के अधिकारियों संग बैठक की। इस दौरान विंध्य कारिडोर व नवरात्र मेला को लेकर की गई तैयारियों के बारे में चर्चा की गई। मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने विंध्य कारिडोर की कार्य प्रगति सहित पहुंच मार्गों का सौंदर्यीकरण, परकोटा एवं परिक्रमा पथ, फसाड ट्रीटमेंट आदि के बारे में सीएम को विस्तृत जानकारी दीं।

छह संपत्तियों पर उच्च न्यायालय प्रयागराज में याचिका लंबित हैं

भूमि की उपलब्धता के बारे में बताया गया कि 566 दुकानों व भवनों का कब्जा प्राप्त करना था जिनमें से अब तक 560 दुकानों व भवनों को तोड़कर कब्जा प्राप्त कर लिया गया है। इसके अलावा छह संपत्तियों पर उच्च न्यायालय प्रयागराज में याचिका लंबित हैं, जिसकी अग्रिम तिथि 29 सितंबर निर्धारित की गई है। डीएम ने बताया कि पुराने वीआइपी मार्ग पर 400 मीटर के सापेक्ष 245 मीटर तथा न्यू वीआइपी मार्ग 140 मीटर के सापेक्ष 121 मीटर कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके अलावा नाली एवं फुटपाथ कार्य पुरानी वीआइपी मार्ग पर प्रगति पर है और न्यू वीआइपी मार्ग पर नाली का कार्य पूर्ण हो गया है।

वहीं मुख्य द्वार तथा पक्का घाट पर कालम का कार्य पूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 40.18 करोड़ स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 11 करोड़ अवमुक्त किए गए हैं जिसमें से पांच करोड़ रुपये व्यय करते हुए 30 प्रतिशत तक भौतिक प्रगति हुई है।

अब फसाड ट्रीटमेंट का कार्य तेजी से कराया जाएगा

परकोटा एवं परिक्रमा पथ के बारे में मुख्यमंत्री को बताया गया कि कुल 130 पिलर बनाए जाने हैं जिसमें 30 पूर्ण, 35 छत स्तर तक पूर्ण, 24 पर फुटिंग कार्य हो रहा है। अभी भी शेष 41 पिलर बनाए जाने हैं। गलियों के फसाड ट्रीटमेंट के बारे में बताया गया कि ध्वस्तीकरण के उपरान्त भवन स्वामियों की ओर से निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिसे रोक दिया गया है। अब फसाड ट्रीटमेंट का कार्य तेजी से कराया जाएगा। कार्य की गति बढ़ाने के लिए दो शिफ्टो में कार्य कराया जाएगा।

नवरात्र मेला के दृष्टिगत तैयारियों को लेकर 20 दिन से कार्य बाधित है। मेला को लेकर कुछ कार्य अवशेष था जिसे आज रात्रि में पूर्ण करा लिया जाएगा। आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूरा प्रबंध किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विंध्य कारिडोर कार्य समयबद्ध तरीके से कार्य योजना बनाकर आगे बढ़ाएं। हर हाल में अगले छह माह में कार्य को पूर्ण करा लिया जाय। गुणवत्ता के साथ किसी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

Edited By: Saurabh Chakravarty

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