इजरायल-ईरान युद्ध: तेल अवीव में मीरजापुर के 22 श्रमिक, सायरन और बंकर प्रणाली से कर रहे अपना बचाव
इजरायल पर ईरान के हमले के बाद मीरजापुर के 22 श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर पूर्वांचल में चिंता बढ़ गई ...और पढ़ें

मोबाइल अलर्ट और सायरन प्रणाली से भारतीय कामगार सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जो नियमित रूप से काम पर जा रहे हैं।
HighLights
मीरजापुर के 22 श्रमिक इजरायल में सुरक्षित हैं।
सायरन बजते ही लोग तुरंत बंकरों में पहुंचे।
भारतीय कामगार नियमित रूप से अपना काम कर रहे हैं।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। इजरायल ने शनिवार को सुबह ईरान पर हमला कर दिया। इसके पूर्व तेज अचानक सायरन बजने लगा। इससे हमले का आभास हुआ और लोग अपने-अपने घरों से निकलकर बंकरों में चले गए। कुछ कामगार व लोग अपने घरों में रहे। शनिवार को इजरायल में साप्ताहिक बंदी होने के कारण पहले से ही सड़कों पर सन्नाटा रहा। इसे कोई अफरा-तफरी नहीं मची। यह कहना रहा इजरायल के तेल अवीव में कार्य करने वाले पहाड़ी ब्लाक के कपसौर के श्याम कुमार बिंद का।
उन्होंने फोन पर बातचीत में बताया कि सुबह-सुबह अचानक सायरन बजने लगा, इसके चलते लोग सतर्क हो गए। राजधानी तेल अवीव सहित अन्य स्थानों पर काम करने वाले भारतीय कामगारों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्याम कुमार बिंद ने बताया कि लड़ाई के बावजूद कोई खतरा नहीं है। हमले के दस मिनट पहले मोबाइल पर घंटी बजने लगती है। वहीं हवाई हमले के पांच मिनट पहले ही सायरन बजने लगता है।
इसके बाद महज पांच मिनट के अंदर पास में बने बंकरों में कार्यस्थलों से कामगार तथा स्थानीय लोग अपने-अपने घरों से पहुंच जाते हैं। श्रमिक कंपनी द्वारा निर्धारित स्थान पर सुरक्षा के बीच नियमित कार्य करने जाते हैं। युद्ध के बीच इजरायल सहित रहने वाले सभी लोगों की यह आदत में शामिल हो गया है।वहीं दूसरे कामगार ने बताया कि तेल अवीव से लगभग 80 किमी दूर एक स्थान पर कार्य कर रहे हैं। शुक्रवार की रात नाइट ड्यूटी करके वापस लौटे थे कि सुबह अचानक सायरन बजने लगा। सायरन बजने के बाद पांच मिनट के अंदर बंकर में पहुंच गया। इस दौरान 20 मिनट के अंदर वापस फ्लैट में जाना पड़ता है।
इजरायल में काम कर रहे 22 श्रमिक
इजरायल में मीरजापुर के 22 श्रमिक काम कर रहे हैं। इसमें श्याम कुमार बिंद कपसौर पड़री, राम चिरंजीव गाजीपुर विजयपुर, सतीश कुमार, रमेश कुमार, अतुल कुमार, राहुल कुमार, पंकज कुमार अनंतरपुर, श्रवण कुमार चितराहन बगही, रमेश चौधरी शिल्पी सीखड़, राजीव कुमार, रामलाल नियामतपुर, सचिन कुमार, इंद्र प्रकाश धनैता डोमनपुर, महेंद्र लाल सुल्तानपुर, राजू राय पक्का पोखरा, इकबाल अहमद पिरवाजी शहीद चुनार, शिव कुमार दांती कोटवा पांडेय, संदीप कुमार सराय टैकोर चुनार, छाटे लाल निषाद और सतीश कुमार सिंधोरा, राम आशीष पाल बेदौली, घनश्याम साहनी लेडू हैं।
जनपद से इजरायल में काम करने के लिए कुल 28 श्रमिक पीबीएस संस्था के माध्यम से गए हैं। इसमें से छह श्रमिक वापस लौट आए हैं। वर्तमान में 22 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। भारत सरकार का विदेश मंत्रालय लगातार श्रमिकों से संपर्क में बनाए हुए है। इसके साथ ही श्रम विभाग द्वारा भी समय-समय पर श्रमिकों से बातचीत की जा रही है।
