जागरण संवाददाता, जमालपुर (मीरजापुर) : क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही बरसात से धान की सूख रही फसलों को संजीवनी मिली है। अच्छी बरसात से खेतों में पड़ी दरारें भर गई हैं। अवर्षण एवं नहरों की बदहाल दशा से परेशान अन्नदाताओं के चेहरों पर बारिश की बूंदें देख खुशी तैर गई है। पिछले एक पखवाड़े से बरसात न होने से धान की फसलों में रोग लगने का खतरा उत्पन्न हो गया था, लेकिन बरसात ने फसलों में नई ऊर्जा का संचार भर दिया है।

अहरौरा बांध के हुसैनपुर बीयर से संचालित बिक्सी और चौकिया माइनर का पानी टेल तक न पहुंचने से किसानों के माथे पर चिता की लकीरें खींच गई थी, लेकिन मूसलधार बरसात ने किसानों की चिता को पलक झपकते ही दूर कर दिया। हसौली, ओड़ी, चौकिया माइनर पर भमौरा, देवरीला, सिलौटा एवं जाफरखानी माइनर पर गौरी, गुलौरी, मनई आदि गांवों तक पानी न पहुंचने से किसान धान की फसलों की सिचाई को लेकर चितित थे, लेकिन अच्छी बरसात ने किसानों की चिता को दूर कर दिया। बोले किसान

नहरों की बदहाल दशा को दुरूस्त कराना अत्यंत आवश्यक है। नहर का पानी टेल तक पहुंचाने में सिचाई विभाग नाकाम साबित हो रहा है। रुपये खर्च कर पंपसेट से सिचाई करने को मजबूर हैं।

- गोपाल सिंह, ओडी।

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खेती किसानी पूरी तरह से बरसात पर आश्रित हो गई है। नहर का पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। बरसात होने से किसानों की जेबें ढ़ीली होने से बच गई।

- अरूण दुबे, हसौली।

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बरसात किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। धान की फसलों में लग रहे सारे रोग दूर हो जाएंगे। धान की फसलों में जान आ गई है।

- सत्येंद्र तिवारी, मदरा।

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चिलबिला नाले पर करजी गांव के पास बिक्सी माइनर पर बना एक्वाडक्ट पिछले दो वर्षों से ध्वस्त है। नहर का पानी नाले में गिरकर बर्बाद हो जाता है। बरसात से किसानों की फसल सिचाई की समस्या का समाधान हो गया।

- बजरंगबली, करजी।

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