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विंध्यधाम में रविवार को मनाया जाएगा मां विंध्यवासिनी का प्राकट्योत्सव, आस्‍थावानों का उमडे़गा रेला

By Anand Mohan Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 29 Aug 2026 03:40 PM (IST)

मीरजापुर के विंध्यधाम में भाद्र कृष्ण पक्ष द्वितीया को मां विंध्यवासिनी का प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा, जिसमें मंदिर को सजाया जाएगा ...और पढ़ें

विंध्यधाम में मां विंध्यवासिनी प्राकट्योत्सव रविवार को, उमड़ेगा आस्थावानों का रेला।

विंध्यधाम में मां विंध्यवासिनी प्राकट्योत्सव रविवार को, उमड़ेगा आस्थावानों का रेला।

HighLights

  1. मां विंध्यवासिनी प्राकट्योत्सव भाद्र कृष्ण द्वितीया को मनाया जाएगा।

  2. मीरजापुर के विंध्यधाम मंदिर को उत्सव के लिए सजाया गया।

  3. सांस्कृतिक कार्यक्रम, कजली गायन और देवी जागरण होगा।

जागरण संवाददाता, मीरजापुर। भाद्र कृष्ण पक्ष द्वितीया को मां विंध्यवासिनी अवतरण व प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। इस बार यह तिथि रविवार को पड़ रही है। इसे लेकर मां के मंदिर को सजाया जा रहा है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही कजली का भी आयोजन होता है।

जयद्रथ तंत्र में भी कहा गया है कि भाद्रपद की कृष्ण द्वितीया को मां तारा देवी का जन्म हुआ था। उसी तिथि की रात में देवी जागरण किया जाता है, परंतु मारकंडेय पुराण में इस पर्व का संबंध मां विंध्यवासिनी देवी के जन्म से माना गया है। स्वामी देव तीर्थ का भी ऐसा विश्वास था। विंध्य महात्म्य में भी मां विंध्यवासिनी देवी को लक्ष्मी तथा योगमाया का रूप कहा गया है।

देवी भागवत पुराण में मां विंध्यवासिनी को सर्वोत्तम सिद्धपीठ कहा गया है। महाभारत में भी कृष्णा रूप वाली देवी का विंध्यवासिनी में होना माना गया है। यह भी कहा जाता है कि विंध्य पर्वत पर कृष्णा रूपा देवी के आगमन के बाद से कजली पर्व मनाया जाने लगा। उसी पर्व के उपलक्ष्य में कजली गीत गाया जाने लगा।

मां कज्जला : मीरजापुर की कजली की ख्याति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। मान्यता है मां विंध्यवासिनी का जन्म भी कजली की रात ही हुआ था। इसीलिए मां को कज्जला देवी भी कहा जाता है। इस रात देवी जागरण होता है। गांव हो या शहर लोग पूरी रात जगकर कजली गीत गाते हैं और मां की जयंती मनाते हैं। पूरी रात मां विंध्यवासिनी मंदिर में देवी जागरण कार्यक्रम होता। मंदिर को आकर्षक झालरों से सजाया जाता है। कजली से लेकर तीज तक प्रतिदिन देवी जागरण होता है।

मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर में देशभर से कलाकार आते हैं जो अपनी स्वर लहरियों से लोगों को झूमने को मजबूर कर देते हैं। श्री मां विंध्यवासिनी आराधना केंद्र की ओर से भाद्र कृष्ण पक्ष द्वितीया को मां विंध्यवासिनी अवतरण व प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। अखिल भारतीय सांस्कृतिक संगीत समारोह के अध्यक्ष भगवानदत्त पाठक उर्फ राजन पाठक की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कलाकार मनोहारी प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध कर देते हैं।