जागरण संवाददाता, ड्रमंडगंज (मीरजापुर) : हलिया विकास खंड के ग्राम पंचायत गलरा में मात्र एक अस्थायी गोवंश पशु आश्रय स्थल में आधा अधूरा टीन शेड लगने के कारण खुले आसमान के नीचे गोवंश रहने को मजबूर हैं। ठंड में पशुओं को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है लेकिन ब्लाक के अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

हलिया गलरा गांव में पशु आश्रय स्थल में पशुओं की संख्या अधिक हो जाने के कारण। पशु आश्रय स्थल पर मौजूद 163 पशुओं को खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। गोवंश आश्रय स्थल पर छोटा सा टीन सेट जरूर लगाया गया है लेकिन निवास कर रहे समस्त पशुओं के लिए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। समस्त व्यवस्थाएं होने के बावजूद भी गलरा अस्थाई निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल पर आधा अधूरा टीन सेट लगने के कारण मौजूद 163 पशुओं में 93 नर तथा 70 मादा पशुओं को खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। आधा पशुओं को तो टीन सेट की सुविधा जरूर मिल रही है लेकिन आधा पशु ठंड के चलते खुले आसमान में गुजार रहे हैं। अगर यही दशा रही तो पशु ठंड के चपेट में आ जाएंगे। जबकि पूर्व जिलाधिकारी द्वारा 16 जुलाई को निरीक्षण के दौरान विद्युतीकरण भूसा गोदाम तथा सेवटी नदी में चेक डैम बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक चेक डैम भूसा गोदाम तथा समूचे अस्थल पर टीन सेट न होने से ठंड गुजार रहे हैं। इस संबंध में ग्राम प्रधान अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि धन के अभाव के कारण आधे पशु आश्रय स्थल में सेट को लगवा दिया गया है। पिलर भी खड़ा कर दिया गया है लेकिन धन के अभाव में पशु आश्रय स्थल पर कैटल सेट नहीं लग पा रहा है।

Posted By: Jagran

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