जागरण संवाददाता, मीरजापुर : योग के माध्यम से अपार शारीरिक, बौद्धिक एवं आत्मिक शक्ति को अर्जित किया जा सकता है। रोग से स्वस्थ्य होना तो बीच में हो जाता है। सूर्य नमस्कार द्वादश आसनों का एक ऐसा संग्रह है, जो बहुत वैज्ञानिक, सरलता से करने योग्य, योग का संपूर्ण लाभ देने तथा आरोग्यता को प्रदान करने वाला है। आरोग्य भारती द्वारा आयोजित सूर्य नमस्कार के वैज्ञानिक तथ्यों पर होम्योपैथिक चिकित्सक डा. गणेश प्रसाद अवस्थी ने प्रकाश डाला। सूर्य नमस्कार करने की सही पद्धति, सभी मुद्राओं में चक्रो से संबंध, उनके बीज मंत्र डा. विवेक सिंह ने बताया। विध्याचल विभाग प्रचारक संतोष ने कहा योग के द्वारा क्षमता, दक्षता, योग्यता एवं साम‌र्थ्य सब बढ़ जाता है। संचालन सचिव डा. टीएन दिवेदी, धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष डा. संदीप श्रीवास्तव ने किया। शुभारंभ भगवान धन्वंतरि के पूजन स्तवन तथा समापन शांति पाठ से किया। डा. अरविद अवस्थी, शैलेश राय, पवन, अखिल, विनोद यादव, संध्या त्रिपाठी, नीलम प्रभात, रजनी गुप्ता, नीलम यादव, संगीता रहे।

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