संगठन शक्ति को मजबूत बनाएं, जिम्मेदारियों का करें निर्वहन: चंपत राय
विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने मीरजापुर के विंध्यधाम में मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विश्व कल्याण की ...और पढ़ें

चंपत राय ने विंध्यधाम में की पूजा, संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर।
HighLights
विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय ने किए मां विंध्यवासिनी के दर्शन।
संगठन शक्ति मजबूत करने और जिम्मेदारी निभाने का आह्वान।
देवरहा बाबा आश्रम भी गए, राम मंदिर आंदोलन से जुड़ाव।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने रविवार को विंध्यधाम पहुंच मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर विश्व कल्याण की कामना की। साथ ही हिंदूओं की एकजुटता का संकल्प दोहराया। चंपत राय ने विंध्यधाम में 40 मिनट बिताया।
यहां प्रशासनिक अतिथि गृह में उन्होंने विभिन्न लोगों से मुलाकात की और संगठन के पदाधिकारियों से संवाद भी किया। उन्होंने संगठन शक्ति को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रियता के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को कहा।
विहिप के वरिष्ठ नेता चंपत राय शनिवार की शाम अयोध्या से मीरजापुर आए थे।
शनिवार को मड़िहान के बसही में आयोजित श्रीराम कथा में शामिल हुए, फिर वे महुवारी कला स्थित देवरहा बाबा आश्रम पहुंचे। यहां देवरहा बाबा का आशीर्वाद लिया और उनका कुशलक्षेम जाना। दरअसल, इन दिनों बदलते मौसम की वजह से देवरहा बाबा का स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं चल रहा था। फिलहाल अब उनका स्वास्थ्य ठीक है।
देवरहा बाबा से मुलाकात के उपरांत चंपत राय विंध्यधाम पहुंचे और मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, काशी प्रांत के पूर्व संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव, काशी प्रांत के सत्संग प्रमुख महेश तिवारी, कुंअर मिश्रा, प्रवीण मौर्य, अमित पाठक आदि थे। चंपत राय रविवार दोपहर वापस अयोध्या प्रस्थान कर गए।
मार्गदर्शक और श्रद्धालु के रूप में जुड़ा है नाता
विहिप के वरिष्ठ नेता चंपत राय और सिद्ध संत देवरहा बाबा का नाता राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान एक मार्गदर्शक और श्रद्धालु के रूप में जुड़ा था। देवरहा बाबा को श्रीराम मंदिर आंदोलन का एक प्रमुख आध्यात्मिक प्रेरणास्रोत माना जाता है। बाबा ने नागर शैली में बनने वाले श्रीराम मंदिर के प्रस्तावित माडल (प्रारूप) पर अपना विशेष आशीर्वाद दिया था।
देवरहा बाबा ने दशकों पहले ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर सर्वसम्मति और निर्विवाद रूप से बनेगा। चंपत राय इस ऐतिहासिक घटनाक्रम और बाबा के वचनों के प्रमुख गवाहों में से एक हैं। राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण पत्र के पहले पन्ने पर देवरहा बाबा की तस्वीर और उनके आशीर्वाद को प्रमुखता से स्थान देकर सम्मान दिया गया था
