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मीरजापुर में गंगा का जलस्तर एक दिन बढ़ने के बाद फिर से घटने लगा, पीछे छूट रहीं दुश्‍वार‍ियां

By Anand Swaroop Chaturvedi Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 28 Aug 2026 01:08 PM (GMT+05:30)

मीरजापुर में गंगा का जलस्तर एक दिन की वृद्धि के बाद फिर घटने लगा है, पिछले 12 घंटों में 8 ...और पढ़ें

मीरजापुर में गंगा का जलस्तर घटने से राहत, पर बाढ़ का खतरा बरकरार।

मीरजापुर में गंगा का जलस्तर घटने से राहत, पर बाढ़ का खतरा बरकरार।

HighLights

  1. गंगा का जलस्तर मीरजापुर में 8 सेमी घटा।

  2. 15 सितंबर तक जलस्तर में उतार-चढ़ाव संभव है।

  3. बैराज से पानी छोड़े जाने पर बाढ़ का खतरा।

जागरण संवाददाता, मीरजापुर। गंगा का जलस्तर एक दिन की वृद्धि के बाद अब फिर से घटने लगा है। पिछले 12 घंटों में जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की कमी आई है, जिसके चलते शुक्रवार की सुबह आठ बजे जलस्तर 72.720 मीटर दर्ज किया गया। यह कमी आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से हो रही है।

बारिश के कारण गंगा का जलस्तर एक दिन पहले बढ़ना शुरू हुआ था। जैसे ही बारिश का पानी रुक गया, जलस्तर में कमी आने लगी। गुरुवार की रात आधी रात से जलस्तर में कमी आई, जिससे शुक्रवार सुबह आठ बजे यह 72.910 मीटर से घटकर 72.770 मीटर पर आ गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलस्तर में बढ़ने और घटने का यह सिलसिला 15 सितंबर तक जारी रहेगा। जैसे ही बारिश पूरी तरह से बंद होगी, जलस्तर अपने सामान्य स्तर पर लौट आएगा। हालांकि, यदि किसी बैराज से पानी छोड़ा गया, तो बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

जलस्तर में इस उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। गंगा नदी का जलस्तर घटने से आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी की स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन इसके साथ ही बाढ़ की संभावनाओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर में फिर से वृद्धि हो सकती है। स्थानीय प्रशासन ने भी इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जलस्तर की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति का सामना किया जा सके।

गंगा नदी का जलस्तर घटने से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। हालांक‍ि बाढ़ के पीछे कीचड़ और ठहरा पानी दुश्‍वार‍ियां दे रहा है।