मीरजापुर में चार मजदूरों के दबकर मरने के बाद क्रशर संचालक समेत छह नामजद और अज्ञात पर मुकदमा
मीरजापुर के अहरौरा में एक क्रशर प्लांट के पास ब्लास्टिंग से स्टार्टर कक्ष ढहने से चार श्रमिकों की मौत हो ...और पढ़ें

मीरजापुर क्रशर हादसे में चार मजदूरों की मौत छह नामजद पर मुकदमा दर्ज।
HighLights
अहरौरा में ब्लास्टिंग से क्रशर प्लांट का कक्ष ढहा।
हादसे में दबकर चार श्रमिकों की दर्दनाक मौत हुई।
पुलिस ने छह नामजद व अज्ञात पर मुकदमा किया दर्ज।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। अहरौरा के भगौती देई गांव स्थित एसएस रंजन क्रशर प्लांट के पास शनिवार दोपहर जय मां विंध्यवासिनी खदान में ब्लास्टिंग के बाद नीलमा मैसर्स क्रशर प्लांट के डग का स्टार्टर कक्ष ढहने से उसमें बैठे चार श्रमिकों की दबकर मौत हो गई थी। मृतकों में सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गवां गांव निवासी दुर्योधन विश्वकर्मा, अशोक गोंड, लालबहादुर बैगा और राकेश गोंड शामिल थे।
मामले में पुलिस ने रात एक बजे एफआइआर दर्ज कर क्रशर प्लांट संचालक व पट्टाधारक समेत छह नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक अशोक विश्वकर्मा के चचेरे भाई बड़गवां निवासी सूर्यबली पुत्र शिवप्रसाद विश्वकर्मा की ओर से थाने में दी गई तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि मृतक चारों श्रमिक एसएस रंजन क्रशर प्लांट में काम करते थे।
शनिवार को करीब 1:30 बजे मधुसूदन सिंह के जय मां विंध्यवासिनी खदान में ब्लास्टिंग की गई। ब्लास्टिंग के दौरान नीलमा क्रशर प्लांट का डग और उससे बना स्टार्टर कमरा भरभराकर गिर गया। आरोप है कि डग पहले से ही जर्जर और कमजोर था। स्टार्टर रुम के मलबे में दबने से चारों श्रमिकों की मौत हो गई।
एफआइआर में खदान मालिक मधुसूदन सिंह, ब्लास्टिंगकर्ता मनोज यादव, क्रशर संचालक शिवकुमार पटेल उर्फ पिंटू, विनोद पटेल और आनंद पटेल समेत अन्य अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है। आरोप है कि संबंधित लोगों की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर श्रमिकों को बाहर निकाला गया। चारों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
ब्लास्टिंग के बाद जर्जर डग के पास बना कमरा गिरने का आरोप
एफआइआर में आरोप लगाया गया है कि ब्लास्टिंग के दौरान उड़ रहे पत्थर से बचने के लिए चारों मृतक श्रमिक स्टार्टर कक्ष में चले गए थे जो पहले से कमजोर था और कमरा का फर्श नीचे धंस गया जिसमें सभी श्रमिक समा गए । पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में ब्लास्टिंग, सुरक्षा मानकों और क्रशर प्लांट में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों की भी पड़ताल की जाएगी।
