जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जनपद में मौसम ने अचानक करवट बदल लिया, इसके चलते किसानों के खेतों में खड़ी फसलें बारिश के चलते लोट गई तो कटाई के बाद खेत में ही रखी फसलें भीग गईं। जिससे किसानों के माथे पर चिता की लकीरे बढ़ गई है। बुधवार को एक बार फिर से बारिश के बावजूद किसान अपनी फसलों को खेतों में सहेजते नजर आए। वहीं क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने पहुंचे किसानों की गेहूं भी कु़छ भीग गई, जिससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जनपद में बुधवार की भोर से आंधी के साथ बरसात शुरु हो गई। शहरों में लोग घरों में बैठे रहे लेकिन गांवों में किसानों की नींद उड़ गई। किसान पालीथिन लेकर खेतों की तरफ दौड़ पड़े। बारिश के बीच ही किसान खेतों में रखी अपनी फसलों को पालीथिन से ढकने का असफल प्रयास करने लगे क्योंकि आंधी के कारण पालीथिन बार-बार उड़ जा रहा था। बावजूद इसके किसानों ने हिम्मत नहीं हारी और फसल को सुरक्षित करने के प्रयास में लगे रहे बावजूद इसके किसानों की फसलें काफी हद तक भींग गई। इसी प्रकार जनपद के अन्य भागों में भी खेतों में रखी किसानों की फसलें भीग गई।उप कृषि निदेशक डा. अशोक उपाध्याय ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अनुसार फसल की कटाई के उपरांत खेत में पड़ी हुई फसल की चक्रवात, वर्षा, एवं ओलावृष्टि के नुकसान की स्थिति में बीमित किसान संबंधित जनपद के बीमा कंपनी को उसके टोलफ्री नंबर पर घटना के 72 घंटे के अंदर सूचना दें। योजना के प्रावधानों के अनुसार सर्वेक्षण कराते हुए नुकसान का आकलन कराकर क्षतिपूर्ति प्रदान कराया जाएगा। --------

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बताए सतर्कता के उपाय

किसान के गेहूं के फसलों की कटाई का कार्य चल रहा है। वर्तमान समय में मौसम फसलों के प्रतिकूल होने से फसलों पर गेहूं पर प्रभाव पड़ सकता है। अभी भी आगामी 24 से 48 घंटे के अंदर मौसम में आंधी, तूफान और ओले गिरने की संभावना बनी हुई है। मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि किसान अभी तक फसलों की कटाई नहीं किए हैं तो मौसम को देखते हुए किसान अभी अपने फसलों की कटाई 2-3 दिन कदापि न करें। जिन किसानों ने फसलों की कटाई कर लिया है, वह फसलों को खेतों से उठाकर सुरक्षित स्थान पर रख लें। वर्तमान समय में गेहूं की डांठ नम होने के कारण मड़ाई भी नहीं हो सकती है। मौसम साफ होने के बाद ही किसान मड़ाई करें। संभावित वर्षा एवं तेज हवाओं के चलते फसलों को नुकसान हो सकता है।

- डा. अशोक उपाध्याय, उप कृषि निदेशक, विध्याचल मंडल। ------------

क्रय केंद्रों पर किसानों से गेहूं खरीद व खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित रखने का निर्देश क्रय केंद्र प्रभारियों को दिया गया है। वर्तमान समय में जनपद के क्रय केंद्रों पर लगभग 32 किसानों से 15 सौ कुंतल गेहूं खरीद किया गया है। क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने आने वाले किसानों को पेयजल, बैठने आदि की समुचित व्यवस्था दी जा रही है।

- अजीत कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य व विपणन अधिकारी, मीरजापुर।

Posted By: Jagran

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