जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जनपद के प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण में किस तरह से लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है इसका जीता जागता उदाहरण है मझवां ब्लाक के गोरही ग्रामसभा में देखने को मिल जाएगा। पात्र लाभार्थी एवं ग्राम पंचायत सदस्य होने के बावजूद आवास नहीं मिलने से पूरा परिवार बेहद परेशान है। गांव में करीब आधा दर्जन लोगों के खपरैल का मकान ढहने के कगार पर पहुंच चुका है और लोग आवास की आस में टकटकी लगाए हादसे का इंतजार कर रहे हैं।

गोरही ग्राम सभा स्थित हीरापुर गांव निवासी महेंद्र दुबे वर्तमान में ग्राम पंचायत सदस्य हैं। आवास के लिए ब्लाक से लेकर जिले तक दौड़-धूप करने के बाद भी आश्वासन की घुट्टी के सिवाय आज तक कुछ नहीं मिला। महेंद्र बताते हैं कि उनका कच्चा मकान आधा टूट चुका है और जब बारिश होती है तो पानी के साथ दीवार की मिट्टी भी भरभराकर गिरने लगती है। उन्होंने बताया कि बारिश में उनका परिवार पानी से बचने की कोशिश नहीं करता बल्कि घर से बाहर निकलकर गिरती दीवारों को बचाने के लिए मिट्टी फेंकने का का काम करता है। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थी होने के बावजूद नागेंद्र व महेंद्र को आवास नहीं मिला। घर की महिलाओं ने बताया कि जिले के अधिकारी आकर जांच कर सकते हैं कि हमारी जान कितनी खतरे में है। तेज बारिश होती है तो घर वालों की नींद नहीं आती। ग्राम पंचायत में नहीं मिला एक भी आवास

मझवां ब्लाक के गोरही ग्राम सभा स्थित हीरापुर, लछिराम, नई बस्ती में एक भी पीएम आवास नहीं बने हैं। जियो टैगिग के नाम पर कुछ कर्मचारी आए और सौ से पांच सौ रुपया वसूलकर चले भी गए लेकिन आवास का कहीं अता-पता नहीं है। ग्राम प्रधान अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि सूची में इनका नाम है और जल्द आवास मिलने वाला है।

Posted By: Jagran

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