जासं, लालगंज (मीरजापुर) : महराजगंज में गोशाला संचालन में हुए घोटाला की पुष्टि एवं कार्रवाई के बाद शासन ने प्रदेश के सभी जिलों की गोशाला की जांच का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के आदेश पर नामित अधिकारी राजेश उपाध्याय जिले में तीन दिन प्रवास पर रहेंगे। प्रवास के पहले दिन सोमवार को बामी गोशाला पर पहुंच कर संरक्षित गोवंश के व्यवस्थाओं का धरातलीय परख किया और अन्य सभी बिदुओं पर जांच-पड़ताल कर जानकारी लिया।

उन्होंने सरंक्षित गोवंश के लिए चारा, पानी, छाया, प्रकाश, हरा चारा, खली, चुनी, चोकर एवं पशु आहार पर प्रतिदिन खर्च हो रहे भूसा क ब्योरेबार विवरण लिया। जिस जमीन पर गोशाला बनाया गया है उस जमीन की क्या श्रेणी है लेखपाल से उसका विवरण लिया। यहां पर रहने वाले गोसेवकों के मानदेय के बारे में जानकारी लिया और गोशाला के शुरु माह फरवरी से अक्टूबर तक का मेनडेज का आंकड़ा लिया। पशुओ की संख्या 345 को परखा और टैगिग परीक्षण बंध्याकरण आदि की भौतिक जानकारी लिया। मुख्यमंत्री द्वारा नामित गौशाला निरीक्षण अधिकारी राजेश उपाध्याय ने गोबर से खाद बनाने के तरीके को बताया और कहा की मनरेगा के अंतर्गत गड्ढा बनवाकर उसमे खाद बनाया जाए। इस अवसर पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर ईश्वर देव चतुर्वेदी, डाक्टर जगदंबा पटेल, श्यामधर तिवारी कमाल अहमद स्थानीय ग्राम प्रधान व ग्रामीण उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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