जागरण संवाददाता, मीरजापुर : किसानों का डाटा आधार से मैच न करना एक बड़ी समस्या बन गई है, इसके चलते लगभग एक लाख 61 हजार किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त नहीं पहुंच सकी है। हांलाकि दिन रात लगकर किसानों का विवरण फीड कराने वाले कृषि विभाग के सामने लगभग इतने किसानों के डाटा को सुधरवाने की चुनौती खड़ी हो गई है। हांलाकि कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर किसान महज 15 रुपये देकर अपना डाटा को 30 नवंबर तक संशोधित करा सकते हैं, क्योंकि बिना संशोधन के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किश्त किसानों के खाते में नहीं भेजी जा सकेगी। जनपद में 2 लाख 72 हजार किसानों द्वारा पंजीकरण कराया गया था।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ऑनलाइन पंजीयन के दौरान कई किसानों का पंजीकरण, बैंक खाता नंबर, आइएफएससी कोड गलत या त्रुटिपूर्ण है, जिससे योजना की धनराशि किसानों के खाते में नहीं पहुंच पा रही है। अब आधार कार्ड के अनुसार किसानों का विवरण दर्ज कराया जाएगा, इसके लिए सरकार द्वारा किसानों को विकल्प उपलब्ध कराए गए है। किसान वेबसाइट पीएम किसान.जीओवी.इन पर जाकर स्वयं मोबाइल, कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर महज 15 रुपये देकर किसान ऑनलाइन संशोधन करा सकते है। उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने बताया कि वेबसाइट खुलने पर ऊपर दाहिनी ओर फार्मर कार्नर ऑप्शन दिखेगा। क्लिक करने पर चार विकल्प खुलेंगे। पहला विकल्प रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले किसानों, दूसरा विकल्प पंजीकरण के समय नाम आधार कार्ड में लिखे नाम के अनुसार नहीं भरने वाले किसान तीसरा विकल्प स्कीम के तहत धनराशि का भुगतान की ताजा स्थिति (अपडेट) देखने तथा चौथा विकल्प किसी भी गांव में कुल लाभान्वित किसानों की संख्या देखने के लिए है। किसान आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर अथवा बैंक एकाउंट नंबर भरकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Posted By: Jagran

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