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विंध्य क्षेत्र के टूरिस्ट स्पॉट पर खूबसूरत नजारों के साथ मिलेगा लजीज खाना, महिलाएं लगाएंगी फूड कार्ट

Published: Mon, 14 Sep 2026 12:55 PM (IST)

महिलाओं के स्वयं सहायता समूह मीरजापुर के विंध्य क्षेत्र के ईको पर्यटन स्थलों पर फूड कार्ट संचालित करेंगे।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. स्वयं सहायता समूह की महिलाएं चलाएंगी फूड कार्ट।

  2. पर्यटन स्थलों पर मिलेगा शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ।

  3. महिलाओं को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगी आय।

जागरण संवाददाता, मीरजापुर। विंध्य क्षेत्र के ईको पयर्टन स्थलों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलेगा। इसके लिए पर्यटन स्थलों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं फूड कार्ट संचालित करने जा रही हैं।

पर्यटन स्थलों पर बढ़ती गतिविधियों के बीच महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की कवायद आरंभ की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से अनूठी पहल की जा रही है। इसके तहत जनपद के विंढमफाल, सिरसी फाल, लखनिया दरी, सिद्धनाथ दरी सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर फूड कार्ट निर्माण कराया जाएगा।

पर्यटन स्थलों पर प्रति वर्ष लाखों लोग प्राकृतिक छटा का आनंद उठाने के लिए पहुंचते हैं। इन स्थलों पर खान-पान की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानी होती है। अथवा खाद्य पदार्थ साथ ले जाना पड़ता है।

फूड कार्ट खुलने से काफी सुविधा होगी। साथ ही पर्यटक अपने स्वजनों के साथ बैठकर आसानी से जलपान कर सकेंगे। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा फूड कार्ट में चाट, समोसा, कचौड़ी, पकाैड़ी चाय, काफी सहित पावभाजी आदि फास्ट फूड व्यंजन की बिक्री की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार की पहल पर समूह की महिलाओं को स्वरोजगार मिलने के साथ ही आय बढ़ेगी। वहीं दूसरी तरफ पर्यटन स्थलों पर परिवार संग घूमने आने वाले पर्यटकों को शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सकेगा।

जिले में 16259 समूहों से जुड़ी 1,70,983 महिलाएं

उपायुक्त स्वत: रोजगार रमाशंकर सिंह ने बताया कि जनपद में 16259 समूहों का गठन किया गया है। साथ ही 1150 ग्राम संगठन का गठन और 48 संकुल स्तरीय संघ का गठन किया गया है। इससे 1,70,983 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

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जिले के 809 गांवों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कार्य कर रही हैं। 1071 समूह सखी, 429 बीसी सखी, 102 बैंक सखी, 42 कृषि सखी, 44 पशु सखी, 40 कोटे की दुकान और 40 कैंटीन संचालन कर रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास है। इसी के तहत पर्यटक स्थलों पर फूड कार्ट खोला जा रहा है। पर्यटकों को शुद्ध खाद्य पदार्थ के साथ ही महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
                                                                         विशाल कुमार, मुख्य विकास अधिकारी