मीरजापुर के जिम में धर्मांतरण के खेल में सामने आया मौलवी, कराता था हिंदू लड़कियों का मतांतरण
मीरजापुर पुलिस ने लव जिहाद और धर्मांतरण के मास्टरमाइंड मौलवी खलीलु रहमान को गिरफ्तार किया है। वह जिम ट्रेनर प्रकरण ...और पढ़ें

मीरजापुर में लव जिहाद का मास्टरमाइंड मौलवी गिरफ्तार, हिंदू लड़कियों का कराता था धर्मांतरण।
HighLights
मीरजापुर में लव जिहाद का मास्टरमाइंड मौलवी गिरफ्तार।
जादू-टोना के बहाने हिंदू युवतियों का कराता था धर्मांतरण।
जिम ट्रेनर प्रकरण से भी जुड़े थे मौलवी के तार।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। जिम जाने वाली हिंदू युवतियों और महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाकर लव जेहाद का खाका खींचने वाले मुस्लिम ट्रेनरों के जेल जाने के बाद मास्टरमाइंंड बताया जा रहा मौलवी भी अब पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। हिंदू लड़कियों का मतांतरण कराकर उनकी शादी करने वाले मौलवी खलीलु रहमान को देहात कोतवाली पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया।
आरोपित जादू टोना झाड़ने के बहाने हिंदू महिलाओं और बच्चों को मतांतरण के लिए प्रेरित करता था, जिससे वे अपना धर्म बदल लें। इस मामले में पकड़े गए अन्य आरोपितों से भी इसके संबंध पाए गए हैं। पुलिस ने खलीलु रहमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन मनीष कुमार मिश्रा ने नगर के सिविल लाइन स्थित कार्यालय में दी।
मौलवी खलीलु रहमान भटवां की पोखरी मोहल्ले का निवासी है और पेशे से मौलवी है। वह जनपद के चील्ह स्थित हुसैनी मस्जिद में पढ़ाने का कार्य करता था। इसके अलावा, वह भटवां की पोखरी स्थित मस्जिद में भी मौलवी था, लेकिन डेढ़ वर्ष से वह वहां से हट गया था। खलीलु रहमान जादू टोना झाड़ने का काम करता था, जिसके चलते उसके पास मुस्लिम महिलाओं के साथ-साथ कई हिंदू महिलाएं, युवतियां और बच्चे भी टोना झाड़ने के लिए आते थे। मौलवी उन्हें मतांतरण कराने के लिए प्रेरित करता था, जिससे वे अपना धर्म बदल लें।
इस वर्ष 2023 में, खलीलु रहमान ने वाराणसी जनपद के लोहता थाना क्षेत्र की एक हिंदू युवती का मतांतरण कराकर उसे एक मुस्लिम युवक से शादी कराई थी। जब युवती के परिवार को इस बात की जानकारी हुई, तो उन्होंने मौलवी के खिलाफ लोहता थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस के अनुसार जिम ट्रेनर प्रकरण में भी इस मौलवी का संपर्क मिला है।
पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू की और मौलवी के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए। खलीलु रहमान का यह कृत्य न केवल धार्मिक संवेदनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था, बल्कि यह समाज में असामंजस्य पैदा करने का भी कारण बन सकता था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मौलवी को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। इस घटना ने जिले में मतांतरण के मुद्दे को एक बार फिर से चर्चा में ला दिया है।
