जासं, राजगढ़ (मीरजापुर) : विकास खंड में कई वर्षों के बाद नहरों की सफाई कराई गई ताकि किसान नहर के पानी से अपनी फसलों की सिचाई कर सके लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण नहरों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। वहीं नहर में कूड़ा फेंकने से गंदगी पट गई है। इससे सरकार का टेल तक पानी पहुंचाने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है।

राजगढ़ क्षेत्र से गुजरने वाली धनरौल बंधे से निकली घाघर नहर पड़रवा, सेमराबरहो, तुलसीपुर, मड़ईपुर, निकरिका, चौखड़ा, रामपुर, भवानीपुर, दरवान, हिनौता होते हुए मड़िहान पटेहरा तक जाती है। नहर की पटरियों पर जगह-जगह अतिक्रमण से राहगीरों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नहर में गंदगी होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कहीं-कहीं तो नहर के दोनों तरफ गुमटी रखकर नहर का अस्तित्व ही खत्म किया जा रहा है। कुछ लोग अपनी घरों व दुकानों से निकलने वाले कूड़े को नहर में ही डाल देते हैं। सुचारु रूप से आवागमन के लिए दोनों पटरी पर सड़क का निर्माण किया गया है लेकिन अतिक्रमण के कारण सड़क सिकुड़ती जा रही है। इस संबंध में सिचाई विभाग के जेई रामरति सिंह ने बताया कि कई बार अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई है। यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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