लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी नए नवेले विंध्य कारिडोर की लाइटें खराब, धाम के निखार पर सवाल
विंध्याचल धाम में लाखों खर्च कर बने विंध्य कॉरिडोर की लगभग दो दर्जन लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात में ...और पढ़ें

विंध्य कॉरिडोर की खराब लाइटें बनीं श्रद्धालुओं की परेशानी का सबब, प्रशासन पर उठे सवाल।
HighLights
विंध्य कॉरिडोर की लगभग दो दर्जन लाइटें खराब।
रात में श्रद्धालुओं को अंधेरे में आवागमन की समस्या।
नगर मजिस्ट्रेट ने जल्द ठीक कराने का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, विंध्याचल (मीरजापुर)। मां विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए विंध्य कारिडोर की सुंदरता अद्वितीय है, लेकिन इसकी देखरेख में कमी के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। थाना कोतवाली रोड से मंदिर मार्ग तक विंध्य कारिडोर में लगभग दो दर्जन खंभों की लाइटें कई दिनों से खराब पड़ी हैं।
रात के समय मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके आवागमन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। स्थानीय व्यवसायी आलोक बरनवाल और गणेश मोदनवाल ने बताया कि विंध्याचल धाम में इस समय मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इन कार्यक्रमों में श्रद्धालु मां के दर्शन के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेते हैं। ऐसे में कारिडोर की खराब पड़ी लाइटों के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लाइटिंग का काम लखनऊ की मार्बल कंपनी की ओर से कराया गया था। काम कराने के बाद कंपनी ने पर्यटन विभाग को हैंडओवर कर दिया है।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और धाम की सुंदरता को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराया जाए, ताकि रात के समय आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। विंध्य विकास परिषद के सचिव और नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने बताया कि इसी महीने एक इलेक्ट्रीशियन की नियुक्ति की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि लाइटें बंद होने का कारण पता कराकर उन्हें तुरंत ठीक कराया जाएगा।
इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की तत्परता आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद अनुभव मिल सके। विंध्य कारिडोर की लाइटों की स्थिति को सुधारने से न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि धाम की सुंदरता भी बनी रहेगी। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की अपेक्षा है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेगा और शीघ्र कार्रवाई करेगा।
