जासं, मीरजापुर : जनपद में निष्क्रिय पंजीकृत कृषि सहकारी समितियों का अस्तित्व आगामी दिनों में समाप्त हो जाएगा। संयुक्त आयुक्त व संयुक्त निबंधक सहकारिता देवमणि मिश्र ने एक आखिरी मौका देते हुए आगामी छह नवंबर तक इन समितियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया है, इसके लिए 13 समितियों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

सोनभद्र के उम्भा कांड के बाद जनपद में भी पंजीकृत कृषि सहकारी समितियों की जांच लखनऊ में चल रही है। मीरजापुर की 26 कृषि समितियों में से लगभग 13 समितियां निष्क्रिय चल रही है। इनको कागजात समेत अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है, लेकिन समिति के पदाधिकारी अपना पक्ष रखने नहीं आ रहे हैं। एआर कोआपरेटिव मित्रसेन वर्मा ने बताया कि मड़िहान कृषि सहकारी समिति लिमिटेड मडि़हान मीरजापुर, बेदौली कृषि सहकारी समिति लि बेदौली मडिहान, ढेबरा कृषि सहकारी समिति लिमिटेड ढेबरा जमालपुर, सरसवां कृषि सहकारी समिति लि सरसवां मड़िहान, ददरी खुई कृषि सहकारी समिति लिमिटेड ददरी मड़िहान, देवरी उत्तर कृषि सहकारी समिति देवरी मड़िहान, धरवाह कृषि सहकारी समिति लिमिटेड धरवाह जमालपुर, पटेहरा कला कृषि सहकारी समिति लिमिटेड पटेहरा कला, कशेरूआ कृषि सहकारी समिति लिमिटेड, विजयपुर कृषि सहकारी समिति लिमिटेड, ददरा कृषि सहकारी समिति लिमिटेड, सहिरा रानीबारी कृषि सहकारी समिति व विनोवापुरी मेवडी सेमरी मरदहां कृषि सहकारी समिति लिमिटेड मेवडी लालगंज को नोटिस भेजा गया है, जिससे अपना पक्ष रख सकें।

Posted By: Jagran

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