जागरण संवाददाता, मीरजापुर : पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर धीरे धीरे खतरे के निशान को पार करने के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार की शाम पांच बजे अधिकारियों द्वारा 77.700 गंगा का जलस्तर दर्ज किया। जो खतरे के निशान 77.724 मीटर से महज चार सेंटीमीटर दूर है। लगातार बढ़ रहे पानी के चलते सीखड़, पहाड़ी, मझवां व कोन ब्लाक के कई गांवों का संपर्क दूसरे गांव से टूट गया है। ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर रपटे व अन्य रास्ते से रोजमर्रा की वस्तुए को खरीदने बाजार जा रहे हैं।

स्कूली बच्चे भी बाढ़ के प्रभावित इलाके से किसी तरह निकलकर पढ़ने जा रहे हैं। प्रभावित गांव की अधिकांश फसले पानी में डूब गई है। जिसको देखकर किसान परेशान है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर की जानकारी होने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। प्रभावित गांव के घरों में देर रात पानी घुसने की आशंका जताते हुए ग्रामीण अपने अपने सामानों को छत चढ़ाने लगे है। खुद भी रात वहीं गुजार रहे है। हालांकि जलस्तर के बढ़ोत्तरी में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की दर से कमी आई है। जबकि इसके पहले एक सेंटीमीटर की दर से जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही थी। लेकिन वर्तमान में दो सेंटीमीटर प्रति दो घंटे की दर से गंगा बढ़ रही है। बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाके में भ्रमण कर रहे हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी दे दी गई है। किसी प्रकार की घबड़ाने को नहीं कहा गया है। सीएमओ, डीएसओ, सीडीओ, बीडीओ व ग्राम प्रधान तथा लेखपाल को बाढ़ प्रभावित लोगों का हर संभव मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। इनसेट

फोटो 23 - बाढ़ ने मचाई तबाही, लोगों का जीना हुआ दुश्वार

किसानों के खेतों को जलमग्न करने को आतुर गंगा

लेखपाल नहीं दे रहे हैं किसानों का ध्यान किसानों में आक्रोश

पड़री : स्थानीय थाना क्षेत्र के कई गांव इन दिनों बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों को बाढ़ की चिता सताए जा रही है। किसानों की खड़ी खेती उनकी आंखों के सामने जलमग्न होती जा रही है और वह कुछ नहीं कर पा रहे हैं। मुख्य रूप से सिन्धोरा, कठिनई, चंडिका, नान्हूपुर, रामनगर, धरमदेवां, छटहां, चौहान पट्टी, छीत्तमपट्टी, अकसौली, कनौरा आदि कई गांव में बाढ़ ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि इस साल के बारिश के कारण हम लोगों को खाने के भी टोटे पड़ जाएंगे। सरकार द्वारा ऐसे में हम सब के लिए कुछ नहीं कर रही है। जबकि डीएम का आदेश है कि संबंधित लेखपाल अपने अपने क्षेत्र की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिससे पीड़ित लोगों को मुआवजा मिल सके। इनसेट में

बाढ़ से टूट रहा कई गांवों का संपर्क

पड़री क्षेत्र में आई बाढ़ के चलते मार्गों पर गंगा का पानी आने से राहगीरों का आवागमन भी बाधित हो रहा है। माधोपुर से भटौली का संपर्कमार्ग इन दिनों जलमग्न हो चुका है। इस रास्ते से यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। वही पैड़ापुर चौकी से कुछ दूरी पर स्थित गड़ईया नाला भी उफान पर आनेही वाला है। यदि इसी प्रकार से गंगा का बाढ़ निरंतर बढ़ता रहा तो यह रास्ता भी बंद हो जाएगा। ऐसी स्थिति में लोगों को कम दूरी की जगह पर अधिक दूरी का चक्कर काटना पड़ रहा है। इनसेट

फोटो 25 से 27 --आधा दर्जन गांवों में शुक्रवार को घुसा पानी, दर्जनों गांव के संपर्क टूटे

जागरण संवाददाता, सीखड मीरजापुर: गंगा के आई विनाशकारी बाढ़ ने शुक्रवार को क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों को अपनी जद में ले लिया। ईश्वरपट्टी, मुंदीपुर, सोनवर्षा, खानपुर, मंगरहा, खैरा गांवों में पानी भरने से ग्रामीण अपनी गृहस्थी के सामानों को समेटने में परेशान रहे। ईश्वरपट्टी गांव में घरों में पानी घुसने से लोग कही अन्यत्र जाकर समय बिताने के लिए मजबूर हो गए। जलस्तर में हो रही लगातार बृद्धि से धन्नूपुर, पिपराही, विदापुर, धनैता, डोमनपुर, भगीरथपुर, फुलहा, प्रेमापुर, रामगढ़, घमही, हांसीपुर, छितकपुर,पचरांव गांवों का संपर्क मुख्यमार्ग से टूट गया। मुंदीपुर के चारो तरफ पानी फैलने से लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी।

इनसेट मुंदीपुर तालाब पर मेले जैसी स्थिति

2016 में आई बाढ़ में मुंदीपुर स्थित तालाब में आई मछलियां अब तक काफी बड़ी हो गई थी। ग्रामीणों द्वारा उनकी देखभाल की जाती थी। बाढ़ का पानी तालाब तक पहुंचते ही मछलियों को निकालने के लिए तालाब में जाल डलवाया गया। विभिन्न प्रजाति की पांच से आठ किलो तक कि मछलियों को देखने के लिए गांव सहित आसपास के ग्रामीण जुट गए जिससे मेले जैसी स्थिति बनी रही।

Posted By: Jagran

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