पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई खुद की पार्टी, नाम रखा- जननीति भारत; मीरजापुर सदर से लड़ सकती हैं चुनाव
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने गुरुवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'जन नीति भारत पार्टी' की घोषणा की है। उनके मीरजापुर से चुनाव लड़ने की भी चर्चा है।

आइएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अब राजनीति में नई शुरुआत आखिरकार की है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। पूर्व आइएएस दिव्या मित्तल ने आखिरकार गुरुवार की दोपहर एक बजे अपनी जननीति भारत पार्टी की घोषणा की है। प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद पूर्व आइएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अब राजनीति में नई शुरुआत आखिरकार की है। उन्होंने गुरुवार दोपहर एक बजे वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर अपनी पार्टी और उसके उददेश्य के बारे में बताया।
मीरजापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। मीरजापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुकीं दिव्या मित्तल के इस कदम से जनपद की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है। अभी तक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर पहचान बनाने वाली दिव्या मित्तल अब नवरात्र में मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद लेकर राजनीति में ताल ठोंक रही हैं। बताया कि उनकी पार्टी पूरे प्रदेश में अपने उम्मीदवार खड़ा करेगी।
यूपी कैडर की वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने मीरजापुर जिले में भी सेवा दी थी और नवरात्र में मां विंंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कर फैसला लिया था कि 15 अक्टूबर की दोपहर वह अपनी सियासी पारी की घोषणा करेंगी। अपनी 13 साल की प्रशासनिक सेवा से उन्होंने 30 अगस्त 2026 को मां विंंध्यवासिनी देवी के जन्मोत्सव के दिन स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की घोषणा कर सभी को चौंका दिया था।
विंध्य वासिनी देवी के जन्मोत्सव के दिन आइएएस पद से इस्तीफा देने के बाद वह मीरजापुर भी पहुंचीं और तभी से उनके मीरजापुर से ही चुनाव लड़ने की चर्चा रही है। आखिरकार उन्होंने 15 अक्टूबर की दोपहर एक बजे "सूरज को निकलने के लिए किसी से अनुमति नहीं" की घोषणा करते हुए अपनी जननीति भारत पार्टी की घोषणा करते हुए अपनी पार्टी की ओर से जरूरी बिंंदुओं को स्पष्ट करते हुए 8.29 मिनट का वीडियो जारी किया है।
दिव्या मित्तल यहां से दे सकती हैं चुनौती, जानें समीकरण
मीरजापुर विधानसभा सीट में भारतीय जनता पार्टी की अच्छी पकड़ अब तक रही है। वर्ष 2022 चुनाव में भाजपा के रत्नाकर मिश्रा 118263 मत पाकर चुनाव जीते थे। जबकि यहां से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी कैलाश चौरसिया को 77921 मत मिले थे। अब दिव्या मित्तल ने यहां से चुनौती देने की ठानी है। जिले में भाजपा और अपना दल का ही अभी तक वर्चस्व रहा है, दोनों ही पार्टियों के मेल से सियासी समीकरण बनते रहे हैं। अनुप्रिया पटेल से उनकी अनबन की चर्चा खूब रही है अब वह सियासी समर में ताल ठोंकने उतर रही हैं।
