जासं, मीरजापुर : वर्षा का जल संचयन करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं संचालित की है। खेत तालाब योजना के अंतर्गत मनरेगा से तालाबों की खोदाई की जा रही है लेकिन इसके लिए किसानों को आगे आना चाहिए। जब तक किसान जागरूक नहीं होंगे तब तक योजनाएं मूर्त रूप नहीं ले पाएंगी।

नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि भू गर्भ जल स्तर को बनाए रखने के लिए तालाब बांध बंधियां सबसे महत्वपूर्ण स्त्रोत होते हैं। इसलिए सरकार ने सरकारी तालाबों की खोदाई मरम्मत के अलावा प्राइवेट तालाबों की खोदाई करा रही है। प्राइवेट तालाबों के लिए खेत तालाब योजनाओं का संचालन हो रहा है। जो किसान अपने खेत में तालाब खोदवाना चाहते हैं तो उनको इन योजनाओं का फायदा उठाना चाहिए।

यदि किसी नदी नाला पर चेकडैम या बंधियां बनाया जा सकता है तो इसके लिए किसानों को आगे आना होगा। वे ब्लाक स्तर से या जनप्रतिनिधियों से संपर्क करें। उसका स्टीमेट तैयार करा कर चेकडैम बंधियों का निर्माण कराया जा सकता है। इससे जहां जल संरक्षण होगा वहीं किसानों के खेतों को ¨सचाई का पानी भी मिलेगा। किसी गांव क्षेत्र में बांध या तालाब है उसमें वर्षा का जल एकत्रित हो रहा है तो निश्चित रूप से उस गांव का भू गर्भ जल स्तर बना रहेगा। हैंडपंपों में पानी रहेगा तो पेयजल संकट नहीं होगा। तालाबों पर 40 प्रतिशत अनुदान..

डेवलपमेंट आफ इन लैंड फिशरीज एंड एक्वाकल्चर योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन के लिए सरकार तालाबों के निर्माण पर चालीस प्रतिशत अनुदान दे रही है। नए तालाबों के लिए तीन लाख रुपये ऋण दिया जाता है जबकि पुराने तालाबों के जीर्णाेद्धार के लिए साढ़े तीन लाख रुपये का ऋण दिया जा रहा है। इस ऋण पर सरकार चालीस प्रतिशत अनुदान दे रही है। ऐसे तालाबों का निर्माण कराकर मत्स्य पालन का रोजगार भी किया जा सकता है। वर्जन ...

कृषि विभाग द्वारा तालाबों के निर्माण के लिए तीन लाख रुपये तथा पुराने तालाबों के जीर्णाेद्धार के साढ़े तीन लाख रुपये का ऋण मुहैया करा जाता है। इस पर सरकार चालीस प्रतिशत अनुदान दे रही है। किसान तालाबों को निर्माण कराकर जल संरक्षण के साथ मत्स्य पालन भी कर सकते हैं।

- आर के उपाध्याय, उप निदेशक कृषि ¨वध्याचल मंडल मीरजापुर

By Jagran